जागरण संवाददाता, अमृतसर

शहर में सियासी शह पर खुलेआम हो रहे अवैध निर्माणों से नगर निगम की खासी फजीहत हो रही है। एमटीपी विभाग की लापरवाही का आलम यह रहा कि निगम कमिश्नर को 20 अप्रैल को 16 और 21 अगस्त को 21 अवैध निर्माणों पर कार्रवाई के लिए फील्ड में उतरना पड़ा। अवैध निर्माणों के बार-बार उठ रहे मामले को लेकर मेयर कर्मजीत ¨सह ¨रटू और कमिश्नर सोनाली गिरि ने मंगलवार को एमटीपी विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक दी। दोनों ने उन्हें दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया भविष्य में कोई अवैध निर्माण हुआ तो एटीपी व बि¨ल्डग इंस्पेक्टर बख्शे नहीं जाएंगे।

वाल्ड सिटी में हाईकोर्ट के निर्देशों के बावजूद हो रहे अवैध निर्माणों पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए मेयर और कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह काम के प्रति कोताही न बरतें। अन्यथा उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने से गुरेज नहीं किया जाएगा। मेयर ¨रटू ने एमटीपी विभाग के अधिकारियों से शहर में चल रहे अवैध निर्माण की लिस्ट मांगी। अधिकारियों ने बताया कि अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ पुलिस प्रशासन को एफआइआर दर्ज करने को लिखा गया है, परंतु कार्रवाई नहीं हुई। मेयर ने पुलिस को रिमाइंडर भेजने को कहा और हिदायत दी कि अवैध निर्माण करने वाले इमारत मालिकों के खिलाफ निगम एक्ट की धारा के तहत कोर्ट केस किया जाए। इसके अलावा जिन इमारत मालिकों ने नक्शे का आवेदन करने के बाद नक्शा नहीं लिया और निर्माण शुरू कर दिया इस पर भी सख्त कार्रवाई की जाए। इसकी जांच कर निगम के खजाने में पैसा जमा करवाए जाए। बैठक में एसटीपी तेजप्रीत ¨सह, एमटीपी न¨रदर शर्मा, एटीपी पर¨मदरजीत ¨सह, लखबीर ¨सह, जगदेव ¨सह, संजीव देवगण, कृष्णा, इंस्पेक्टर परमजीत ¨सह, अंगद ¨सह, जगदीश, धीरज, मनीष अरोड़ा, व¨रदर मोहन, कुलदीप, हरप्रीत कौर, राजरानी आदि हाजिर थे।

17 पर एफआइआर, 46 के कटने हैं कनेक्शन

निगम कमिश्नर ने 28 जून को पुलिस कमिश्नर को रिमांडर भेजते हुए 17 अवैध निर्माण करने वालों पर आइपीसी की धाराओं के तहत एफआइआर दर्ज करने को कहा था, लेकिन अभी तक किसी एक के खिलाफ भी मामला दर्ज नहीं हुआ है। इस तरह का रिमांडर कमिश्नर ने पावरकॉम को भी 26 जून को भेजा था। चीफ इंजीनियर सिटी सर्किल को लिखे गए रिमांडर में उन्होंने उन्हें श्रीदरबार साहिब के आसपास चल रहे 46 अवैध निर्माणों की सूची भेजी थी। कमिश्नर ने पत्र में साफ कहा था कि अगर इन अवैध निर्माणों द्वारा बिजली का उपयोग आसपास की इमारतों से नाजायज तौर पर किया जा रहा है तो इस संबंध में आप द्वारा इन पर की गई कार्रवाई को लेकर इस दफ्तर को सूचित किया जाए। लेकिन अभी तक मामला अधर में ही लटका हुआ है।

सस्पेंड हुए, पर नहीं सीखा सबक

अवैध निर्माणों पर कार्रवाई को लेकर विभागीय अधिकारियों की ढील की वजह से ही 5 जून को निगम

कमिश्नर सोनाली गिरि ने पांच एटीपीज जगदेव ¨सह, एटीपी लखबीर ¨सह, एटीपी कृष्णा कुमारी, एटीपी संजीव और पर¨मदर ¨सह बि¨ल्डग इंस्पेक्टर(एटीपी का चार्ज)को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था। अगले ही दिन उन्हें चंडीगढ़ में आलाधिकारियों ने तलब कर लिया गया था। इसके बाद कमिश्नर ने

सबकी सस्पेंशन सशर्त रद कर दी थी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा था कि सभी एटीपीज लिखित रूप से अपने क्षेत्र का सर्टिफिकेट देंगे कि उनके इलाके में कोई अवैध निर्माण नहीं है। इसके बावजूद वर्तमान में भी हालात कंट्रोल में आते दिखाई नहीं दे रहे हैं।

कोट्स...

अवैध निर्माण बिल्कुल बर्दाश्त नहीं : ¨रटू

शहर में अवैध निर्माण बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होंगे। लोग एमटीपी विभाग से नक्शा पास करवाकर ही निर्माण करवाए। अगर कोई दिक्कत आती है तो वह उन्हें बताए। अवैध निर्माणों को लेकर एटीपी व बि¨ल्डग इंस्पेक्टरों की जवाबदेही निर्धारित कर दी गई है। इसके अलावा जिन इमारतों पर एफआईआर दर्ज करने को लिखा गया है, उसका रिमाइंडर देते हुए कार्रवाई करने को कहा गया है।

—कर्मजीत ¨सह ¨रटू, मेयर अमृतसर

Posted By: Jagran