जागरण संवाददाता, अमृतसर

शिवाला बाग भाइयां रेलवे फाटक के पास राष्ट्रीय पार्टी के एक पूर्व पार्षद के होटल ड्रीम पर रामबाग थाने की पुलिस ने सोमवार की रात छापेमारी कर 16 जुआरियों को गिरफ्तार किया है।आरोपितों के कब्जे से 1.10 लाख रुपये, ताश के पत्ते और अन्य सामान बरामद कर पुलिस ने गैं¨ब्लग एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है। घटना के तीन घंटे के भीतर सभी जुआरी जमानत पर रिहा हो चुके थे। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पुलिस ने आरोपितों की पहचान सुल्तान¨वड रोड निवासी कार्तिक, कृष्णा नगर निवासी साजन, बटाला रोड स्थित पवन नगर निवासी सुनील कुमार, भारत नगर निवासी करण राज, पवन नगर निवासी सचिन, भारत नगर निवासी सूरज, पवन नगर निवासी गौरव महाजन, कटरा बघियां निवासी कुनाल महाजन, गोल्डन एवेन्यू निवासी शिव कुमार. डैमगंज स्थित नाइयां वाला मोड़ निवासी विशाल, शहीद उधम ¨सह नगर निवासी जसपाल ¨सह, गुरनाम नगर निवासी अमनदीप ¨सह, ह¨रदर ¨सह, संत एवेन्यू निवासी हरप्रीत ¨सह और सुंदर नगर निवासी व¨रदर ¨सह के रूप में बताई है। आसपास के लोगों ने पुलिस कमिश्नर सुधांशु शेखर श्रीवास्तव से शिकायत की थी कि शिवाला फाटक के पास ड्रीम होटल में रोजाना जुए के बड़ा कारोबार होता है। होटल एक पूर्व पार्षद का होने के कारण थाने की पुलिस इस पर कार्रवाई करने से डरती है। बताया जा रहा है कि पूर्व पार्षद की पुलिस के कुछ अफसरों में काफी पैठ है। जिस कारण वह पुलिस के शिकंजे से बचता आ रहा था। लेकिन सीपी के आदेश पर पुलिस ने सोमवार की रात होटल को घेर लिया और छापेमारी के दौरान अलग-अलग कमरों से 16 जुआरियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से के 1.10 लाख रुपये बरामद कर मामला दर्ज कर लिया है।

महानगर के कुछ होटलों में सजने लगे जुए के अड्डे

गौर रहे दीवाली को दो महीने से कम समय रह गया है। महानगर के कुछ होटलों में जुए का कारोबार जोरों पर शुरु हो गया है। जुआ करवाने वाले होटलों के कुछ मालिक नेता, कारोबारी और पुलिस के अफसर हैं। जिन कारण उनकी पहुंच दूर तक होने के कारण पुलिस उन पर कार्रवाई करने से बचती रहती है। या फिर पुलिस पर दबाव रहता है कि उक्त होटलों पर छापेमारी नहीं की जाए। कुछ दिन पहले जिला पुलिस के सीआईए स्टाफ ने एक पुलिस अफसर के होटल पर छापेमारी कर जुए के अड्डे का भंडाफोड़ किया था।

कई नेताओं ने कराए एफआइआर रुकवाने के लिए फोन

जब पुलिस सभी जुआरियों को गिरफ्तार कर थाने ले गई तो जुआरियों के रिश्तेदारों और सगे संबंधियों का थाने के बाहर जमावड़ा लग गया। इस दौरान कुछ गुंडातत्व भी थाने के बाहर एकत्र होने लगे। पुलिस ने थाने के गेट बंद कर दिए। बताया जा रहा है कि भाजपा के पार्षद ने एफआईआर रुकवाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगवा दिया। अपने आकाओं से कई फोन भी करवाए गए। लेकिन मामला पुलिस कमिश्नर के ध्यान में होने के कारण एफआईआर कटने से नहीं रुक पाई।

तीन छोड़े युवकों को भी उठाने के चक्कर में पुलिस

बताया जा रहा है कि जैसे ही पुलिस ने होटल के कमरों से 19 लोगों को हिरासत में लिया तो नेताओं के फोन आने शुरु हो गए। पुलिस पर इतना दबाव था कि उन्हें थाने से तीन युवकों को छोड़ना पड़ा। लेकिन जैसे ही इस बाबत सीपी को जानकारी मिली तो उन्होंने तीनों को दोबारा गिरफ्तार करने का आदेश दिया। बताया जा रहा है कि पुलिस मंगलवार की रात उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। दो सत्ताधारी पार्षद भी पहुंचे छुड़वाने

शरीफपुरा के एक होटल में हुए जुए के खुलासे के बाद देररात तक आरोपियों को बचाने की कवायद चलती रही। एक पूर्व पार्षद के कहने पर पुलिस ने पहले दो लोगों को छोड़ दिया, पर बाद में दबाव बनने के बाद उन्हें पकड़ने की भी जद्दोजहद शुरू कर दी। सत्ताधारी पार्टी का भी एक पार्षद और एक पार्षद पुत्र आरोपियों की पैरवरी करने थाने पहुंचे थे, पर पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी और उनके कहने पर कोई बंदा नहीं छोड़ा। सियासी धौंस देने के बाद भी जब उनकी नहीं चली तो उन्हें बैरंग लौटना पड़ा।

Posted By: Jagran