संवाद सहयोगी, अमृतसर

राष्ट्रीय बिहार विकास मंच के उपाध्यक्ष उमाशंकर के नेतृत्व में सैकड़ों मजदूर वर्ग के लोग फोकल प्वाइंट क्षेत्र की सड़कों पर उतरे। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि उन्हें पंजाब से निकाला जाए।

उमाशंकर, पप्पू यादव, रमेश मास्टर, रामायण महत्व, रतन यादव, रोहित कुमार आदि ने कहा कि पंजाब में खाने के लाले पड़ चुके हैं। पिछले 47 दिनों से किसी भी नेता, विधायक, पार्षद यहां तक कि डीसी ने मजदूर वर्ग की सुध नहीं ली। दैनिक जागरण ने 8 मई को खबर प्रकाशित करके उनकी समस्या को उजागर किया। इसके बाद डीसी की ओर से नियुक्त किए गए नोडल अधिकारियों ने खबर प्रकाशित होने के बाद उनके क्षेत्र में राशन मुहैया करवाया। 5 हजार के करीब लोग फोकल प्वाइंट क्षेत्र में रहते हैं। मांग करते हुए कहा कि उनको शीघ्र बिहार भेजा जाए, अगर उन्हें बिहार नहीं पहुंचाया गया तो वह लोग सड़कों पर धरना प्रदर्शन करने पर मजबूर होंगे।

उमाशंकर ने बताया कि लॉकडाउन से पहले 21 दिन की सैलरी भी किसी भी फैक्ट्री मालिक ने मजदूर वर्ग को नहीं दी है। दो माह गुजर चुके हैं। ऊपर से फैक्ट्री मालिक अखबारों में बयान लगवा रहे हैं, कि वह लोग पंजाब छोड़कर न जाएं नहीं, तो फैक्ट्रियां नहीं चलेंगी। फैक्ट्री न चलने से पंजाब का रेवेन्यू घट जाएगा। मजदूर वर्ग के साथ फैक्ट्री मालिक व सरकार भी धोखा कर रही है। अब वह किसी भी सूरत में पंजाब में नहीं रुकेंगे।

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