अमृतसर में ASI पर हमले की तहरीक-ए-तालिबान ने ली जिम्मेदारी, पंजाब पुलिस कर्मियों को फिर दी निशाना बनाने की धमकी
अमृतसर में रेलवे पुलिस के एएसआई सुखचैन सिंह पर हुए हमले की जिम्मेदारी 'तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान' ने ली है। संगठन ने ...और पढ़ें

तहरीक-ए-तालिबान ने ली है एएसआई पर हमले की जिम्मेदारी।
HighLights
अमृतसर में एएसआई सुखचैन सिंह पर हमले की जिम्मेदारी ली
'तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान' ने पंजाब पुलिस को फिर धमकाया
पुलिस मामले की सभी पहलुओं से गहन जांच कर रही है
जागरण संवाददाता, अमृतसर। पंजाब के अमृतसर में ड्यूटी से घर लौट रहे रेलवे पुलिस (GRP) के एएसआई सुखचैन सिंह पर हुई फायरिंग के मामले में सोमवार को एक सनसनीखेज मोड़ सामने आया है।
'तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान' (TTH) नामक एक कथित संगठन ने एक प्रेस रिलीज जारी कर 4 अक्टूबर को हुए इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है।
पुलिस और सरकारी कर्मचारियों को निशाना बनाने की दी धमकी
संगठन ने इसे आपरेशन नूर के तहत की गई कार्रवाई बताया है। साथ ही पंजाब पुलिस और सरकारी कर्मचारियों को आगे भी निशाना बनाने की धमकी दी गई है। हालांकि, संगठन के इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
प्रेस रिलीज में दावा किया गया है कि एएसआई सुखचैन सिंह को निशाना बनाकर हमला किया गया। संगठन ने आगे भी पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने की धमकी दी है और हमले से संबंधित वीडियो जारी करने की बात कही है।
जानें क्या है पूरा मामला?
दरअसल, चार अक्टूबर की शाम करीब सात से आठ बजे के बीच एएसआई सुखचैन सिंह ड्यूटी खत्म करने के बाद बाइक से अपने घर जा रहे थे। वह सादे कपड़ों में थे। जगदेव खुर्द के पास बाइक सवार हमलावरों ने पीछे से उन पर फायरिंग की।
गोली उनकी बाई बाजू को चीरती हुई निकल गई। वह किसी तरह घर पहुंचे, जिसके बाद उन्हें अजनाला के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी हालत स्थिर बताई गई है।
एसएसपी अमृतसर ग्रामीण कंवलप्रीत सिंह चहल के अनुसार पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है। विशेष डीजीपी कानून व्यवस्था प्रवीण कुमार सिन्हा ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया था।
पुलिस के अनुसार विशेष जांच दल लगाए गए हैं और हमले के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
हमले के बाद पारिवारिक पहलू की भी हुई जांच
हमले के बाद एएसआई सुखचैन सिंह के बयान के आधार पर पुलिस ने पारिवारिक विवाद के पहलू की भी जांच शुरू की थी। सुखचैन सिंह ने अपनी भाभी गुरप्रीत कौर पर हमला करवाने का शक जताया था। बताया गया कि वर्ष 2019 में उनके भाई हीरा सिंह की हत्या हुई थी और उस मामले से जुड़े पुराने विवाद को भी जांच में शामिल किया गया।
