जागरण संवाददाता, अमृतसर

बेअबदी व बरगाड़ी कांड के संबंध में जस्टिस रंजीत ¨सह कमिशन की रिपोर्ट में अकाली दल के बडे़ नेताओं के नाम आने के बाद अकाली नेताओं के खिलाफ लोगों में बढ़ रहे रोष को मुख्य रखते हुए श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन ¨सह ने संगत से संपर्क तोड़ दिया है।

बताया जा रहा है कि उनका मोबाइल फोन भी 28 अगस्त के बाद से बंद आ रहा है। और वह अपने कार्यालय में भी नहीं आ रहे हैं। श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय से मिली जानकारी के अनुसार ¨सह साहिब कही बाहर गए है। उधर सोशल मीडिया पर भी ¨सह साहिब को अपील की जा रही है कि वह कनाडा या किसी अन्य देश में जाएं। क्योंकि अकाली नेता सुखदेव ¨सह ढींडसा ने भी मीडिया को दी अपनी इंटरव्यू में खुल कर मांग की थी कि डेरा मुखी को माफी देने के मामले में श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन ¨सह को अपने पद से त्यागपत्र दे देना चाहिए।

उधर आल इंडिया सिख छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष व कांग्रेस के मौजूदा विधायक हरिमंदिर ¨सह गिल की ओर से विधान सभा में श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन ¨सह की आमदनी के स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के दिए बयान ने भी सिख संगत के अंदर ¨सह साहिब के खिलाफ रोष पैदा कर दिया है। कांग्रेस के पूर्व सचिव व प्रवक्ता मनदीप सिंह मन्ना ने तो यहां तक कहा दिया है कि ¨सह साहिब की चल अचल संपत्ति की जांच होनी चाहिए। अजनाला में दमदमी टकसाल के एक ग्रुप के सेवादारों की ओर से ज्ञानी गुरबचन ¨सह का पुतला जलाने के बाद संगत में रोष बढ़ता देखते हुए ¨सह साहिब ने संगत से अपना संपर्क पूरी तरह तोड़ दिया है। गत दिवस अमृतसर से दिल्ली के लिए रवाना हुए बाबा जीवन ¨सह शहीद के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित नगर कीर्तन में भी ¨सह साहिब शामिल नही हुए।

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