जागरण संवाददाता, अमृतसर : थाना मजीठा के अधीन रेलवे फाटक के नजदीक कार सवार लोगों ने महिला सहित तीन लोगों को तेजधार हथियारों से हमला कर गंभीर घायल कर दिया। घायलों को मजीठा के सरकारी अस्पताल में दाखिल करवाया गया, लेकिन डाक्टरों ने उन्हें गुरु नानक देव अस्पताल में रेफर कर दिया। पीड़ित महिला कंवलजीत कौर ने अकाली सरपंच पर हमला करने का आरोप लगाया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पीड़ित कंवलजीत कौर ने बताया कि वह चंडीगढ़ फाइनांस विभाग में कार्यरत हैं। गांव नागकलां के सरपंच सुखवंत सिंह ने एनआरआइ थाना और मजीठा के डीएसपी दफ्तर में उनके खिलाफ शिकायत की हुई है। इसी संबंध में वह अपने भतीजे जशनदीप सिंह और भाई अरुण महाजन के साथ एएसपी मजीठा अभिमन्यु राणा के दफ्तर में उनसे मिलने पहुंचे। एएसपी तो वहां नहीं मिले, लेकिन वहां उनके रीडर थे। जब वह वापस चले गए तो उनकी कार का पीछा कर रहे दो कार सवारों ने रेलवे फाटक पार करते ही उन्हें घेर लिया। फिर उन पर तेजधार हथियारों से हमला करते हुए घायल कर दिया। इसमें उसका भतीजा जशनदीप और भाई अरुण के गंभीर चोटें लगी हैं। ये है मामला

महिला का कहना है कि 2008 में उसकी भतीजी परमिदर कौर की शादी सरपंच के बेटे के साथ हुई थी। उसकी भतीजी आस्ट्रेलिया में है। सरपंच ने आरोप लगाया है कि उसके बेटे को आस्ट्रेलिया भेजने में उन्होंने दो लाख रुपये की रिश्वत ली है। अब जब उसकी भतीजी का बेटा भी 12 साल का हो गया है लेकिन सरपंच गुंडागर्दी करते हुए उन्हें तंग परेशान कर रहा है। उन्होंने एसएसपी देहाती से मांग की है कि मामले की जांच करवाकर सरपंच सहित बाकी के हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। आरोप बेबुनियाद: सरपंच

नागकलां के सरपंच सुखवंत सिंह का कहना है कि इस झगड़े में उनका कोई भी लेना-देना नहीं है। उन पर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद सच सामने आ जाएगा। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा: एएसपी

एएसपी मजीठा अभिमन्यु राणा का कहना है कि मामला उनके ध्यान में है। डाक्टरों की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पीड़ितों के बयान भी कलमबद्ध कर लिए हैं। जिन लोगों ने भी यह काम किया है, वह गलत है। इस मामले में जो भी शामिल है, उसे बख्शा नहीं जाएगा।

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