वतन लौटे पाकिस्तानी सिख श्रद्धालु, केंद्र सरकार ने इस रास्ते से दी जाने की अनुमति
पाकिस्तान से आए 49 सिख श्रद्धालु भारत की एक महीने की धार्मिक यात्रा पूरी कर अटारी-वाघा सीमा के रास्ते वतन लौट गए हैं।

धार्मिक यात्रा पूरी कर अटारी-वाघा के रास्ते वतन लौटे 49 पाकिस्तानी सिख श्रद्धालु।
HighLights
पाकिस्तान के 49 सिख श्रद्धालु भारत की धार्मिक यात्रा के बाद लौटे।
उन्होंने श्री हेमकुंट साहिब और अन्य ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन किए।
डीएसजीएमसी के प्रयास से सड़क मार्ग से वापसी संभव हुई।
जागरण संवाददाता, अमृतसर। भारत की करीब एक महीने की धार्मिक यात्रा पूरी करने के बाद पाकिस्तान के ननकाना साहिब और आसपास के इलाकों से आए 49 सिख श्रद्धालु अटारी-वाघा सीमा के रास्ते वतन लौट गए हैं। अटारी सीमा पर इमिग्रेशन और सुरक्षा संबंधी सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद इन्हें पाकिस्तान रवाना किया गया।
भारत प्रवास के दौरान इन श्रद्धालुओं ने उत्तराखंड स्थित श्री हेमकुंट साहिब, श्री आनंदपुर साहिब, श्री हरिमंदिर साहिब और दिल्ली के विभिन्न ऐतिहासिक गुरुद्वारों में माथा टेका।
जत्थे में शामिल ननकाना साहिब के श्रद्धालु भूपिंदर सिंह ने बताया कि वे तीस दिनों के वीजा पर भारत आए थे। श्री हेमकुंट साहिब और श्री हरिमंदिर साहिब के दर्शन करना उनके जीवन का सबसे यादगार अनुभव रहा। इसके साथ ही उन्होंने यात्रा के बेहतरीन प्रबंधों के लिए भारत सरकार, पाकिस्तान सरकार और दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) का आभार व्यक्त किया।
दरअसल, इन श्रद्धालुओं को पहले हवाई मार्ग से वापस लौटना था। इस प्रक्रिया में कनेक्टिंग फ्लाइट और लंबी कागजी कार्रवाई के कारण करीब 22 से 24 घंटे का समय लग रहा था।
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका और महासचिव जगदीप सिंह काहलों ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप करने और सड़क मार्ग से वापसी की अनुमति देने की अपील की थी। केंद्र सरकार ने तत्काल निर्णय लिया और उन्हें अटारी-वाघा सीमा के रास्ते सड़क मार्ग से पाकिस्तान लौटने की अनुमति प्रदान की।