लखनऊ, जेएनएन। कोरोना महामारी से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने केंद्र से 3003 करोड़ रुपये की सहायता मांगी है। राजस्व विभाग ने सोमवार को इसके लिए केंद्र सरकार को मैमोरैंडम भेज दिया है।

मैमोरैंडम में राज्य सरकार ने विभिन्न मदों में खर्च का ब्योरा दिया है। केंद्र को बताया गया है कि प्रदेश में वापसी के लिए जनसुनवाई पोर्टल पर 18.65 लाख प्रवासी कामगारों ने पंजीकरण कराया है। निकट भविष्य में यह सभी प्रदेश में आएंगे। उन्हें लाने और ठहराने के लिए भी धनराशि की जरूरत होगी। पंद्रहवें वित्त आयोग ने चालू वित्तीय वर्ष में राज्य आपदा मोचक निधि में 2578 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

केंद्र सरकार ने कोविड से जुड़े कार्यों में इसमें से 25 प्रतिशत की अधिकतम सीमा तक व्यय की मंजूरी दी है। यह राशि 644.50 करोड़ रुपये होती है, जो कि खर्च को देखते हुए बहुत कम है। इसलिए अतिरिक्त धनराशि की मांग की गई है।

किस मद में कितनी रकम मांगी

  • ट्रेन से प्रवासियों को लाने के लिए 80 करोड़ रुपये।
  • बसों से लोगों को मुफ्त में पहुंचाने को 816.71 करोड़ रुपये।
  • कोविड महामारी से बचाव को 410.65 करोड़ रुपये।
  • शेल्टर होम में 28.15 लाख लोगों की व्यवस्था के लिए 422.32 करोड़ रुपये।
  • 28.15 लाख लोगों को राशन किट देने के लिए 366 करोड़ रुपये।
  • 2055 कम्युनिटी किचेन के लिए 330 करोड़ रुपये।
  • गरीबों को मुफ्त राशन के लिए 127.93 करोड़ रुपये।
  • बसों के सैनिटाइजेशन को 120 करोड़ रुपये।
  • होमगार्डों के मानदेय के लिए 42.12 करोड़ रुपये।

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Posted By: Umesh Tiwari

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