मुंबई, एएनआइ। वीर सावरकर के पोते रंजीत सावरकर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सार्वजनिक रूप से अपने दादा का अनादर करने का आरोप लगाते हुए शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

उद्धव ठाकरे अपना वादा निभाएं

रंजीत ने कहा कि यह अच्छा है कि राहुल गांधी राहुल सावरकर नहीं हैं। नहीं तो हम सबको अपना मुंह छिपाना पड़ता। अब हम उम्मीद करते हैं कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे अपना वादा निभाएंगे। उन्होंने याद दिलाया कि उद्धव कई बार कह चुके हैं कि यदि किसी ने सावरकर का अपमान किया, तो वे उनको सार्वजनिक रूप से पीटेंगे।

अच्‍छा हुआ दादी ने अपना सरनेम छोड़ दि‍या

रंजीत ने यह भी कहा कि राहुल को अपनी दादी इंदिरा गांधी का आभारी होना चाहिए, जिन्होंने अपना सरनेम (नेहरू) छोड़ दिया। नहीं तो लोग उन्हें ब्रिटिश नौकर समझते। जवाहरलाल नेहरू ब्रिटेन के प्रति वफादार थे, क्योंकि उन्होंने 1946 में मंत्री के तौर पर वाइसराय काउंसिल में काम करना मंजूर किया था।

राहुल ने सावरकर का नाम लेकर मोदी सरकार पर साधा था निशाना 

ज्ञात हो कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मैं मर जाऊंगा, पर माफी नहीं मांगूंगा। मैंने जो कहा है, सच कहा है। वैसे भी मेरा नाम राहुल गांधी है, राहुल सावरकर नहीं है। राहुल गांधी के इस बयान के बाद बाद काफी बवाल मचा।

संजय राउत ने किया ट्वीट 

भाजपा और शिवसेना ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। शिवसेना के नेता संजय राउत ने ट्वीट किया कि वीर सावरकर न सिर्फ महाराष्ट्र बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए देवतुल्य हैं। हम गांधी और नेहरू का सम्मान करते हैं। आपको सावरकर का अपमान नहीं करना चाहिए।

गांधी होने से कोई महात्मा गांधी नहीं बन जाता: फडणवीस

महाराष्ट्र के पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने राहुल गांधी पर पलटवार किया। फडणवीस ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से दिया गया बयान निंदनीय है। राहुल गांधी सावरकर के नाखून के बराबर भी नहीं हैं और खुद को 'गांधी' समझने की गलती उन्हें नहीं करनी चाहिए। केवल आखरी नाम गांधी होने से कोई महात्मा गांधी नहीं बन जाता है। फडणवीस ने कहा है कि सावरकर ने अपनी जीवन की आहुति मातृभूमि के लिए दी। सब कुछ त्याग किया। उन्हें अंडमान जेल की कोठरी में 12 साल तक यातना का सामना करना पड़ा, राहुल गांधी 12 घंटे भी नहीं कर सकते। उनके खिलाफ ऐसी भाषा का इस्तेमाल करना, देश के लिए सब कुछ त्याग करने वाले तमाम देशभक्तों का अपमान है। इसके लिए राहुल गांधी को माफी मांगनी चाहिए।

अपमान के बाद भी शिवसेना हो गई नरम

उन्‍होंने कहा कि शिवसेना को सत्ता में बने रहने के लिए लोगों से जिस तरह का व्यवहार करना पड़ता है वह बहुत स्पष्ट है। सावरकर जी का अपमान महाराष्ट्र और देश कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। पहले शिवसेना बहुत तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करती थी, अब वे नरम क्यों हो गए हैं? गौरतलब है कि महाराष्‍ट्र विधानसभा चुनावों के दौरान भाजपा ने वीर सावरकर को ‘भारत रत्न’ देने की मांग की थी। उसके बाद देश भर में सावरकर को ‘भारत रत्न’ देने की मांग तेज हो गई।

 

Posted By: Arun Kumar Singh

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस