लखनऊ, जेएनएन। मोदी सरकार के आगामी बजट को लेकर उत्तर प्रदेश ने अपेक्षाओं का पिटारा सजाया है। इस पिटारे में केंद्र सरकार से पूर्वांचल की तर्ज पर पश्चिमी उप्र में भी अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की स्थापना का इरादा जताने के साथ डिफेंस कॉरीडोर में औद्योगीकरण को गति देने के लिए केंद्र से बटुआ ढीला करने की अपेक्षा की गई हैै। 

शुक्रवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राज्यों के वित्त मंत्रियों की प्री-बजट कांफ्रेंस में सूबे के वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के सामने बजट को लेकर प्रदेश की अपेक्षाओं का यह पिटारा खोला। उन्होंने बुंदेलखंड सरीखे पिछड़े क्षेत्र में शुरू की गई महत्वाकांक्षी डिफेंस कॉरीडोर परियोजना में रक्षा से जुड़े उद्योगों की स्थापना और उनकी खातिर बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए केंद्र से खजाना खोलने की मांग की हैै ताकि युवाओं को रोजगार मुहैया कराने के साथ क्षेत्रीय विकास भी हो सके।

उन्होंने केंद्र से मांग की है कि वह चीनी मिलों को सॉफ्ट लोन उपलब्ध कराने की व्यवस्था करे जिससे कि किसानों को उनका बकाया चुकाया जा सके। किसानों के पास पैसा आएगा तो राज्य सरकार एग्रीकल्चरल स्टार्ट अप के जरिये ग्रामीण युवाओं को रोजगार दे सकेगी।

सूखे की समस्या से जूझने वाले बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र में पाइप्ड पेयजल मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार की निर्मल नीर परियोजना और राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के तहत एकमुश्त धनराशि आवंटित किये जाने का अनुरोध किया। चालू वित्तीय वर्ष में उप्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पांच लाख लोगों को आवास मुहैया कराने के लिए योजना के तहत उप्र के लिए आवंटन बढ़ाने की मांग की। केंद्र को यह भी बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत राज्य सरकार 250 की आबादी वाले गांवों व मजरों को भी संपर्क मांर्ग से जोडऩा चाहती है। इसके लिए बड़ी धनराशि चाहिए जिसे केंद्र मुहैया कराए।

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को धार

राज्य में आस्था व धार्मिक पर्यटन के केंद्र ब्रज क्षेत्र, अयोध्या, गढ़ मुक्तेश्वर, विंध्याचल, नैमिषारण्य, बौद्ध परिपथ में अवस्थापना सुविधाओं को सुदृढ़ करने के साथ उनके सुंदरीकरण के लिए भी केंद्र से खजाना खोलने की मांग की गई। नेपाल से लगी उप्र की सीमा पर तेजी से बढ़ती मदरसों की संख्या के मद्देनजर बार्डर एरिया डेवलपमेंट प्रोग्राम के लिए उप्र का आवंटन बढ़ाने की गुजारिश की।

ये भी मांगा

  • गांवों को खुले में शौच से मुक्ति दिलाने की योजना के तहत उप्र को विशेष पैकेज दें।
  • 31 मार्च को बंद हुई सौभाग्य योजना को आगे बढ़ाया जाए।
  • खानपान में मिलावट की जांच के लिए प्रयोगशालाओं और मोबाइल लैब की स्थापना की खातिर संसाधन बढ़ाएं।
  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत बुनियादी ढांचे और रखरखाव के मद में और धनराशि दें।
  • सर्व शिक्षा अभियान के तहत केंद्रांश की पूरी धनराशि दिलायी जाए।
  • प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लिए आवंटन बढ़ाया जाए।

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Posted By: Umesh Tiwari

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