लखनऊ, जेएनएन। जुझारू तेवर से उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को मुख्यधारा में लाने के प्रयास में लगे पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर बेहद गंभीर आरोप जड़ा है। अजय कुमार लल्लू ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन शाहनवाज आजम की गिरफ्तारी को अवैध, अलोकतांत्रिक और निंदनीय बताया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू का कहना है कि सरकार लोकतंत्र का दमन करने पर आमादा है। उन्होंने सरकार पर कांग्रेस कार्यालय की मुखबिरी कराने के भी आरोप लगाए हैं। उनके साथ कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता अराधना मिश्रा 'मोना' ने गुरुवार को मीडिया को संबोधित किया।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पर गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि पूरे प्रदेश में भाजपा सरकार दमन का चक्र चला रही है। यहां आये दिन पुलिस के दम पर लोकतंत्र को कुचला जा रहा है। अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन शाहनवाज आलम की देर रात गिरफ्तारी अवैध, अलोकतांत्रिक और निंदनीय है। कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता प्रदेश की जनता के मुद्दों पर आवाज उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। भाजपा सरकार यूपी पुलिस को दमन का औजार बनाकर दूसरी पार्टियों को आवाज उठाने से रोक सकती है, हमारी पार्टी को नहीं। यह पुलिसिया कार्रवाई दमनकारी और आलोकतांत्रिक है ।

अजय कुमार लल्लू ने कहा कि प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के निर्देश पर अब कांग्रेस के सिपाहियों पर फर्जी मुकदमे लाद कर जेल भेजा जा रहा है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का दमन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन शाहनवाज का नाम किसी भी एफआईआर और चार्जशीट में नहीं था फिर भी जबरिया देर रात के अंधेरे में उनको उठाया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के बढ़ते प्रभाव से से भाजपा सरकार बौखला गयी है। यह तो डरी हुयी सरकार है, पर हम कांग्रेस और राहुल प्रियंका के सिपाही डरने वाले नहीं। योगी आदित्यनाथ सरकार फर्जी गिरफ्तारियों से हमें डराना चाहती है। हम डरने वाले नहीं, हम सड़क पर संघर्ष करेंगे।

अजय कुमार लल्लू ने आगे कहा कि हमारे सैंकड़ों लोगों पर फर्जी मुकदमे लादे गए हैं। हमारे महासचिव मनोज यादव पर झूठा मुकदमा लगाया गया है जब वो पुलिस की हिरासत में इको गार्डन में थे। हमारे सोशल मिडिया प्रभारी मोहित पाण्डेय पर भी मुकदमा कायम हुआ है जबकि वो उस समय दिल्ली से लखनऊ के रास्ते में थे। यह कैसे और किसके इशारे पर मुकदमा लिखा गया।

उन्होंने कहा कि सरकार के इशारे पर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय की मुखबिरी करायी जा रही है, अंग्रेजों के लिए मुखबिरी करने वाले लोग आज कांग्रेस कार्यालय की पुलिस और खुफिया एजेंसी से मुखबरी और रेकी करवा रहे हैं। महीने भर से पुलिस गेट पर लगायी गयी, देर रात तक पुलिस हमारे प्रदेश कार्यालय पर क्या करती है।

कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने इस पुलिसिया राज की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह योगी आदित्यनाथ की सरकार का राजनीतिक द्वेषपूर्ण और कायरता भरा कदम है। सरकार विपक्ष की आवाज की दबाना चाहती। प्रदेश में कांग्रेस के बढ़ते प्रभाव से योगी आदित्यनाथ सरकार की बौखलाहट साफ साफ दिख रही है। शाहनवाज आलम को पुलिस ने गोल्फ लिंक अपार्टमेंट्स के गेट से 'असंवैधानिक तरीके' से उठाया और लगभग घण्टे भर किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं दी।

विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि सत्ता पोषित दमन से हम कांग्रेस राहुल-प्रियंका के सिपाही डरेंगे नहीं, सड़क पर संघर्ष करेंगे। उन्होंने कहा कांग्रेस में संघर्ष की लम्बी और शानदार परंपरा रही है। अब तो लोकतंत्र को बचाने के लिए हम लोग दलित-पिछड़ा विरोधी योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ सड़कें गरम करेंगे। उन्होंने कहा इलाहाबाद विश्वविद्यालय के लोकप्रिय छात्रनेता रहे और दलितों-वंचितों के लड़ाई लडऩे वाले यूपी अल्पसंख्यक कांग्रेस के चेयरमैन शाहनवाज आलम की असंवैधानिक गिरफ्तारी प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार को बहुत महंगी पड़ेगी।

Posted By: Dharmendra Pandey

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