लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश के विधानसभा उपचुनाव में तीन और महाराष्ट्र में दो विधानसभा क्षेत्रों में मिली जीत से समाजवादी पार्टी मुख्यालय में जश्न जैसा माहौल था। कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और मिठाई भी बांटी। अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उपचुनावों में जैदपुर, रामपुर, जलालपुर और महाराष्ट्र विधान सभा चुनाव में मानखुर्द शिवाजीनगर तथा भिवंडी ईस्ट सीट जीतने पर कार्यकर्ताओं को बधाई दी। वर्ष 2022 में प्रदेश की सत्ता में वापसी की तैयारी में जुटने का आह्वान भी किया।

दोपहर करीब डेढ़ बजे संरक्षक मुलायम सिंह यादव भी कार्यालय पहुंचे और कार्यकर्ताओं से संघर्ष करने को कहा। उनका कहना था कि अकेले लड़ने का लाभ मिला है। नेताजी करीब एक घंटा कार्यालय में रहे। इस मौके पर राजेंद्र चौधरी, नरेश उत्तम पटेल, एसआरएस यादव, अहमद हसन, अरविंद कुमार सिंह भी मौजूद थे।

जाति पर भारी उम्मीदवार की लोकप्रियता

विधान सभा उप चुनाव में भाजपा 2017 के मुकाबले बहुत हद तक अपना साम्राज्य बचाने में भले कामयाब रही, लेकिन इस चुनाव ने उम्मीदवारों की लोकप्रियता और व्यक्तित्व को भी एक समीकरण के रूप में स्थापित किया। अंबेडकरनगर के जलालपुर में विजयी सपा उम्मीदवार सुभाष राय का संघर्ष मतदाताओं को प्रभावित करने की वजह बना, तब जबकि सभी राजनीतिक दलों ने जातीय समीकरण के हिसाब से उम्मीदवार उतारे थे तो सपा ने सुभाष के संघर्ष को प्राथमिकता दी। जलालपुर में सुभाष की अपनी बिरादरी के वोट नगण्य हैं। ऐसे में उनकी लोकप्रियता ही कारगर साबित हुई।

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