पटना [अमित आलोक]। बिहार में राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता इन दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की तारीफ करने में लगे हैं। साथ ही मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) उनके निशाने पर हैं। मामला एक्‍यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES) से मासूमों की मौत का है। विदित हो कि बच्‍चों की मौत को प्रधानमंत्री ने शर्मनाक बताया था। इसके लिए आरजेडी नेता राबड़ी देवी (Rabri Devi) के बाद अब अब्‍दुल बारी सिद्दीकी (Abdul Bari Siddiqui) ने भी उनकी तारीफ की है। माना जा रहा है कि आरजेडी के इस बदले रुख के गहरे राजनीतिक निहितार्थ हैं।
सिद्दीकी ने प्रधानमंत्री का जताया आभार
बिहार विधानसभा में सोमवार को सियासत का नया रंग दिखा। बिहार में एईएस से बच्‍चों की मौत के मामले में आरजेडी नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी कार्यस्थगन प्रस्ताव की स्वीकृति को लेकर अपना पक्ष रख रहे थे। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की। सिद्दीकी ने एईएस से बच्‍चों की बड़े पैमाने पर मौत पर प्रधानमंत्री द्वारा संसद में दुख जताने व इसे शर्मनाक बताने के लेकर आभार व्‍यक्‍त किया।
नीतीश पर हमलावर रहे आरजेडी नेता
दूसरी ओर उन्‍होंने नीतीश सरकार पर जमकर हमला बोला। एईएस से मौत के लिए राज्य सरकार को दोषी करार देते हुए सवाल पूछा कि सरकार ने स्वास्थ्य बजट में एईएस के लिए कितने का बजट रखा है? उन्होंने मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जहां चाहते हैं वहीं सरकार की रहम होती है और उन्हीं इलाकों में विकास के काम होते हैं।
राबड़ी ने भी की थी पीएम मोदी की तारीफ
इसके पहले बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष व आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) की पत्‍नी राबड़ी देवी भी प्रधानमंत्री के बयान का समर्थन कर चुकीं हैं। राबड़ी देवी ने एईएस से बड़े पैमाने पर बच्‍चों की मौत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान का भी समर्थन किया, जिसमें उन्‍होंने इसे शर्मनाक करार दिया था। राबड़ी ने कहा कि इसके लिए प्रधानमंत्री भी मंगल पांडेय की बर्खास्‍तगी की पहले करें। राबड़ी ने सोमवार को भी विधानमंडल में अपने पहले के बयान को दुहराया।
प्रधानमंत्री ने कही थी ये बात
विदित हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते बुधवार को राज्यसभा में अपने अभिभाषण के दौरान कहा था कि चमकी बुखार या एईएस के कारण बिहार में हुईं मौतें दुर्भाग्यपूर्ण हैं और यह हमारे लिए शर्म की बात है। उन्‍होंने कहा था कि पिछले सात दशकों में हमारी विफलताओं में से ये भी एक बड़ी विफलता है। हमें इसे गंभीरता से लेना होगा।
आरजेडी के बदले रुख से खड़े हुए सवाल
सवाल यह है कि आखिर आरजेडी के इस बदले रुख का निहितार्थ क्‍या है। क्‍या एईएस के बहाने आरजेडी नए समीकरण की तलाश में है? क्‍या आरजेडी का महागठबंधन से मोहभंग हो गया है?
आरजेडी के रुख के गहरे निहितार्थ
राजनीति के जानकार बताते हें कि आरजेडी नेताओं का पीएम मोदी की तारीफ करना उनकी दूरगामी रणनीति का भाग है। आरजेडी नीतीश कुमार को साथ लेना चाहता है। इसलिए आरजेडी नेता प्रधानमंत्री की तारीफ कर नीतीश पर मनोवैज्ञानिक दबाव बना रहे हैं। कुछ राजनीतिक विश्लेषक यह कह रहे हैं कि आरजेडी अब लालू प्रसाद यादव  की जमानत पर रिहाई को लेकर अधिक इंतजार करना नहीं चाहता, इसलिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रति उसका रवैया नरम होता दिख रहा है।
हालांकि, जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्‍ट्रीय महासचिव केसी त्यागी (KC Tyagi) ने कहा कि आरजेडी हमेशा नए जुगाड़ और नए गठबंधन की तलाश में रहा है। लोकसभा चुनाव में अरेजडी राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की स्‍तुति में लगा था और उसके निशाने पर नरेंद्र मोदी थे। अब जब पार्टी और नेतृत्व अप्रासंगिक हो चुके हैं तो नए ठिकानों की तलाश है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा इसी मानसिकता का प्रमाण है। हालांकि, इसमें अारजेडी सफल नहीं होगा।

Posted By: Amit Alok

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