जयपुर, जागरण संवाददाता। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना संक्रमण के नियंत्रण के लिए जयपुर को रोल मॉडल माना है। अधिक पॉजिटिव केस आने के बावजूद सफलता के साथ नियंत्रण करने व मृत्यु दर कम होने के कारण जयपुर की तारीफ की गई है। जयपुर के साथ ही इंदौर,बेंगलुरु व चेन्नई को भी रोल मॉडल माना गया है। इन चारों शहरों को देश के अन्य शहरों के लिए नजीर बताया गया है।

राजस्थान के चिकित्सा मंत्री डॉ.रघु शर्मा ने बताया कि हाल ही में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना प्रभावित और कम मृत्युदर वाले नगर निकायों के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के साथ बैठक की थी। इसमें जयपुर में घनी आबादी वाले पुराने शहर में कोराना संक्रमण फैलने के बावजूद रैंडम सर्वे और घर-घर सैंपलिंग करने के साथ ही कर्फ्यू लगाने,खाद्य सामग्री जरूरतमंदों तक पहुंचाने को लेकर जयपुर की तारीफ की गई है। जयपुर में अप्रैल के दूसरे सप्ताह से लेकर मई के पहले सप्ताह तक तेजी से संक्रमितों की संख्या बढ़ी। अब तक करीब 1900 पॉजिटिव केस सामने आए हैं। इनमें से 1224 उपचार के बाद स्वस्थ हो गए। शहर में मृत्युदर 4.32 प्रतिशत है।

वहीं, स्वस्थ होने की दर 66.3 प्रतिशत है। देश में राष्ट्रीय औसत मृत्युदर 3 प्रतिशत है, लेकिन चेन्नई और बेंगलुरु में कोरोना संक्रमितों की संख्या काफी है, लेकिन दोनों शहरों में मृत्यु दर 1 प्रतिशत है। इन दोनों शहरों में इलाज की जरूरत के आधार पर प्राथमिकता श्रेणी में बांटकर काम किया गया। जयपुर की तरह इंदौर में भी घर-घर सर्वे किया गया, इसलिए इन दोनों शहरों की तारीफ की गई है।

जयपुर की तरह इंदौर में भी कॉन्टैक्ट हिस्ट्री पता लगाकर उपचार किया गया। पीड़ित के साथ उसके संपर्क में आने वालों की भी स्क्रीनिंग की गई। जयपुर नगर निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वी.पी.सिंह व जिला कलेक्टर जोगाराम ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने जयपुर में संक्रमण रोकने को लेकर अपनाई गई रणनीति की तारीफ की है। 

Posted By: Preeti jha

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