गोरखपुर, जेएनएन। कुशीनगर के तरयासुजान थाने में बंद सपा कार्यकर्ताओं को रिहा कराने के लिए थाने के सामने समर्थकों संग सड़क जाम कर पुलिस-प्रशासन को धमकी देने समेत अन्य आरोपों से पूर्व विधायक डॉ.पीके राय सोमवार को मुक्त हो गए। शासन के निर्देश पर उन पर दर्ज दो मुकदमे वापस ले लिए गए। जिला अभियोजन की तरफ से इस आशय के दिए गए प्रार्थना-पत्र को अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या चार व विशेष अदालत एमपी-एमएलए अभिमन्यु सिंह ने स्वीकार कर लिया।

2009 में दर्ज हुआ था मुकदमा

20 मई 2003 को सपा विधायक डॉ.राय ने दोपहर 12 बजे तरयासुजान थाने के सामने समर्थकों संग लाठी, डंडे से लैस होकर सड़क जाम कर दिया और पुलिस-प्रशासन के विरोध में नारेबाजी की, धमकी दी। इस मामले में एसओ तरयासुजान ने उनके विरुद्ध मामला दर्ज कराया था। इसी तरह 26 अक्टूबर 2009 को डॉ. राय तथा रामअवध यादव व शाकिर अली के विरुद्ध पडरौना कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ था।

यह था आरोप

डॉ. राय पर पडरौना विधानसभा सीट पर हो रहे उप-चुनाव में नगर के बेलवा चुंगी चौराहे पर अनुमति स्थल से दूर हटकर सभा करने तथा बिना परमिट बड़ी संख्या में चार पहिया वाहनों के काफिले के साथ चलने का आरोप था। उन पर दर्ज इन मुकदमों को शासन द्वारा वापस लिए जाने की पहल की गई थी। जिस पर राज्यपाल की अनुमति मिलने के बाद जिला अभियोजन पक्ष की तरफ से डीजीसी क्रिमिनल जीपी यादव व एडीजीसी अभय कुमार त्रिपाठी ने विशेष अदालत एमपी-एमएलए में प्रार्थना-पत्र देकर मुकदमों को वापस लिए जाने का अनुरोध किया था। जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।

Posted By: Pradeep Srivastava

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