चंडीगढ़, [कैलाश नाथ]। पंजाब के सीनियर कैबिनट मंत्री द्वारा एक महिला आइएएस अधिकारी को आपत्तिजनक मैसेज भेजने के मामले में नया मोड़ आता दिख रहा है। आरोप में फंसे तकनीकी शिक्षा मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को लेकर कांग्रेस धर्मसंकट में फंस गई है। बताया जाता है कि पूरे मामले में अब खुद चन्नी ने 'गलती' से मैसेज भेजने की बात कही है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पा रही है। लेकिन, तस्वीर लगभग साफ होती दिख रही है।

पूरे मामले में महिला अधिकारी सामने नहीं आई है और न ही कोई लिखित शिकायत है।  मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बिना किसी का नाम लिये मामले की पुष्टि पहले ही कर दी थी। वहीं, मामले की आंच सीधा राहुल गांधी पर आने के कारण 'टीम राहुल' ने मामले की जानकारी अपने स्तर पर जुटानी शुरू कर दी है। कैप्‍टन अमरिंदर सिंह इजरायल में हैं तो चन्‍नी ब्रिटेन में हैं।

आशा कुमारी आई बचाव में बोली, न शिकायत है और न ही शिकायतकर्ता

दूसरी ओर, चर्चाओं का बाजार गर्म है कि चन्‍नी ने इस मामले में गलती से मैसेज भेजने की बात कही है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है।  चंडीगढ़ से प्रकाशित समाचार पत्र में दावा किया गया है कि चन्‍नी ने फोन पर कहा है कि मैसेज गलती से चला गया। चन्‍नी ने कहा है कि पूरे मामले का समाधान हो चुका है और यह समाप्‍त हो गया है। अब इस मामले को बेवजह और राजनीतिक कारणों से उठाया जा रहा है।

दूसरी ओर, चन्‍नी के खिलाफ कार्रवाई काे लेकर कांग्रेस असमंजस में है। कांग्रेस के पास सबसे बड़ी दुविधा यह है कि अगर महिला अधिकारी को आपत्तिजनक संदेश भेजने के मामले में मंत्री की 'रक्षा' करेगी तो राहुल गांधी द्वारा दिए गए महिला सशक्तीकरण का एजेंडा कमजोर पड़ जाएगा। इसका पार्टी को बड़ा उठाना पड़ सकता है। इसके बावजूद पार्टी अब भी 'शिकायत व शिकायतकर्ता' के बीच में उलझी हुई है।

उधर कांग्रेस चरणजीत सिंह चन्नी के बचाव में उतर आई है। पार्टी की प्रदेश प्रभारी आशा कुमारी ने कहा है कि महज एक मैसेज भेज देना मी टू का मामला नहीं है। पता नहीं कहां से भूचाल आ गया है। राज्यसभा सदस्य व कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने भी कहा है कि जब किसी ने शिकायत ही नहीं दी है तो मंत्री के खिलाफ कार्रवाई का सवाल ही पैदा नहीं होता है।  प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ भी आशा कुमारी की बात को दोहरा रहे है। हालांकि जाखड़ यह जरूर कह रहे है कि यह मामला काफी गंभीर है। एक सवाल के जवाब में जाखड़ ने कहा कि इस मामले को लेकर उनकी मुख्यमंत्री से कोई बात नहीं हुई थी। जाखड़ ने कहा है कि जब शिकायतकर्ता व शिकायत ही नहीं है तो कार्रवाई किस बात की।

आशा कुमारी का कहना है कि शिकायत  मुख्यमंत्री के समक्ष आई होगी, पार्टी के पास अभी तक न तो शिकायत आई है और न ही शिकायतकर्ता ने संपर्क किया है। उन्हें तो लगता है कि कोई मामला ही नहीं है। कोई कुछ चला दे तो इससे मामला नहीं बन जाता है। मुख्यमंत्री और चन्नी दोनों ही देश से बाहर हैं। अत: उनके आने के बाद ही बात हो सकती है। अगर शिकायत आई तो कार्रवाई जरूर की जाएगी, चाहे वह कोई भी हो।

राहुल गांधी की टीम जुटा रही है जानकारी

कांग्रेस के उच्चस्तरीय सूत्र बताते हैं कि मामला अब चन्नी की कैबिनेट से छुट्टी के बाद ही थमेगा। चूंकि महिला महिला अधिकारी से जुड़ा हुआ है इसलिए इस मामले में राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी भी चन्‍नी का बचाव नहीं करेंगे। मामले की गंभीरता से लेते हुए 'टीम राहुल' ने जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। जांच इस बात की हो रही है कि मामले में कोई साजिश तो नहीं की गई है।

चन्नी दलित समुदाय से आते है और राहुल गांधी ने ही चन्नी को अकाली-भाजपा सरकार के समय सुनील जाखड़ को हटा कर नेता प्रतिपक्ष बनाया था व वर्तमान सरकार में कैबिनेट में शामिल करवाया था। अत: किसी भी नतीजे से पहुंचने से पहले सारे पहलुओं की ठोकबजा कर देखा जा रहा है। वहीं, इस संबंध में कांग्रेस के सह प्रभारी हरीश चौधरी का कहना है, इस मामले में अभी राहुल गांधी से कोई सलाह-मशविरा नहीं हुआ है। अगर जरूरत महसूस होती है तो उनकी जानकारी में भी मामला लाया जाएगा।



 

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