अहमदाबाद, शत्रुघ्न शर्मा। सौराष्ट्र के ओबीसी नेता कुंवरजी बावलिया को अपने पाले में लाने के बाद भाजपा लोकसभा चुनाव से पहले उत्तर गुजरात के ओबीसी नेता अल्पेश ठाकोर सहित पांच अन्य कांग्रेस विधायकों को अपने खेमे में लाने की जुगत में है। बावलिया की तरह अल्पेश को भी राज्य सरकार मंत्रिमंडल में स्थान दे सकती है। कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक से पहले भाजपा इन विधायकों को तोडकर कांग्रेस को झटका देना चाहती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया गुजरात यात्रा के बाद भाजपा ने अपने मिशन 26 पर काम शुरू कर दिया है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, लोकसभा चुनाव प्रभारी ओम माथुर आदि नेता कांग्रेस की कमजोर कड़ियों को तलाशकर उन्हें अपने पाले में लाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। करीब दो दशक में पहली बार कांग्रेस को गत विधानसभा चुनाव में 76 सीट जीतने में सफलता मिली, लेकिन इनमें से दो विधायक पहले ही भाजपा में शामिल हो गए तथा एक विधायक खनिज चोरी मामले में सजा सुनाए जाने के बाद सस्पेंड कर दिए गए। 1961 के बाद पहली बार गुजरात में कांग्रेस की कार्यसमिति की बैठक 12 मार्च को होगी, भाजपा इससे पहले उसे एक तगड़ा झटका देना चाहती है।

गुजरात में उत्तर भारतीयों के खिलाफ आंदोलन चलाने के बाद से अल्पेश ठाकोर कांग्रेस आलाकमान की नजरों से उतर गए हैं। प्रदेश आलाकमान के साथ उनका तालमेल कभी बना भी नहीं ऐसे में दोनों ही खेमे खुद को सुरक्षित करने में लगे हैं। अल्पेश के अलावा उनके समर्थक विधायक चंदनसिंह ठाकोर, धवल सिंह झाला, पुरुषोत्तम साबरिया व सोमा पटेल आदि के भाजपा के संपर्क में होने की अटकलें है।

मुख्यमंत्री विजय रूपाणी आगामी दिनों में मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी कर रहे हैं। माना जा रहा है कि कैबिनेट में दो और नए मंत्री शामिल हो सकते हैं। इनमें ऊंझा की पूर्व विधायक डॉ आशाबेन पटेल व राधनपुर से कांग्रेस विधायक अल्पेश ठाकोर के नाम की चर्चा है। गांधीनगर सचिवालय के स्वर्णिम संकुल में दो नए चैंबर की साफ सफाई कराई गई है, इसलिए मंत्रिमंडल के विसतार की चर्चा पुष्ट हो जाती है। इसी बीच, सौराष्ट्र से कांग्रेस विधायक ललित वसोया ने भाजपा में शामिल होने की अटकलों को साफ नकार दिया। उनका कहना है कि भाजपा में शामिल होने के बजाए आत्महत्या करना पसंद करूंगा। वसोया पाटीदार नेता हार्दिक पटेल के करीबी माने जाते हैं।

गौरतलब है कि हार्दिक के भी कांग्रेस में शामिल होने की चर्चाएं हैं। आगामी 12 मार्च को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के बाद पार्टी के टॉप कैडर की मौजूदगी में वे कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा इसी को काउंटर करने के लिए ओबीसी नेताओं को अपने पाले में लाने की जुगत में है, ताकि पाटीदार वोट बैंक में संभावित सेंध की भरपाई की जा सके।

 

Posted By: Sachin Mishra

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