लखनऊ (जेएनएन)। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के पहले पूर्ण बजट सत्र के पहले दिन विपक्ष के जोरदार हंगामा के बीच भी राज्यपाल ने अभिभाषण पूरा किया। राज्यपाल राम नाईक के कागज के गोलों की बौछार के बीच भी भाषण पूरा करने के दौरान विपक्ष के नेताओं को नसीहत भी दी।

राज्यपाल राम नाईक ने विपक्ष के विरोध के बावजूद अभिभाषण जारी रखा। विपक्ष के नेता राज्यपाल पर कागज के गोले फेंक रहे थे। इसके बाद भी उन्होंने भाषण जारी रखा। इस दौरान राज्यपाल ने कहा मेरी सरकार ने एंटी भूमाफिया के माध्यम से सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने वाले लोगों को जेल पहुंचाया है। इस दौरान विपक्षी दल के नेताओं के कागज का गोला फेंकने पर उन्होंने कहा कि आप लोग सभ्य समाज के व्यक्ति हैं कम से कम यह तो प्रदर्शित करने का प्रयास करें। सदन में राज्यपाल राम नाईक के अभिभाषण के दौरान विपक्षी सदस्य ॐ का उच्चारण कर रहे हैं।

राज्यपाल राम नाईक ने अभिभाषण में कहा कि राष्ट्रीय बीमा कानून के अंतर्गत बड़ी संख्या में लोगों का यूपी में बीमाकरण किया गया। सरकार ने दीनदयाल उपाध्याय विद्यालय खोलने का प्रबंध किया है। संगठित रूप से अपराध करने वाले लोगों के खिलाफ यूपीकोका जैसा सख्त कानून लाया गया है। हमने उत्तर प्रदेश में बाहर स्तर पर भूमाफियाओं को चिन्हित किया और उनके खिलाफ हर प्रकार से विधिसम्मत कार्रवाई की। सरकार का प्रयास है कि योजनाओं का लाभ प्रदेश के आखरी व्यक्ति तक पहुंचे। विकास अब जमीन पर दिखने लगा है। ऐसा मेरी सरकार कर रही है। निकाय चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न कराए गए। एक बड़ी उपलब्धि है। सबका साथ सबका विकास पर काम हो रहा है।

सदन में विपक्ष के नेता लगा रहे नारे राज्यपाल वापस जाओ वापस जाओ के नारे। विपक्ष के विरोध के बावजूद राज्यपाल का अभिभाषण जारी रहा। इससे पहले सदन की कार्यवाही शुरू होते विपक्ष का जोरदार हंगामा होने लगा। राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष का वेल में आकर हंगामा हुआ। राज्यपाल ने विपक्ष के हंगामे के दौरान अपना अभिभाषण शुरू किया। विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित के चेतावनी के बावजूद विपक्ष बैनर तख्ती और गुब्बारे लेकर सदन में पहुंचा। बजट सत्र को विपक्ष नहीं चलने देना चाहता।

इस वर्ष का पहला विधानसभा सत्र आज विधान भवन में राज्यपाल राम नाईक के अभिभाषण के साथ शुरू हो गया। जैसे ही राज्यपाल ने अपना भाषण शुरू किया समाजवादी पार्टी के नेतृत्व में अन्य विपक्षी दलों के विधयाकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस शोरगुल और हंगामे के बीच राज्यपाल अपना अभिभाषण पढ़ते रहे। इस बीच विपक्ष 'राज्यपाल वापस जाओ वापस जाओ' के नारे लगा रहे हैं। विपक्ष बैनर और पोस्टर के साथ सदन के भीतर नारेबाजी कर रहा है।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने की निंदा 

राज्यपाल राम नाईक के अभिभाषण पर विपक्ष खासकर समाजवादी पार्टी सदस्यों द्वारा गोले फेंकने की सीएम योगी आदित्यनाथ ने निंदा की। विधान सभा के सेंट्रल हाल में पत्रकारों से कहा कि सपा के लोग अपना आचरण सुधार लें अन्यथा लाल टोपी से जनता निपट लेगी।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गर्वनर के विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल के अभिभाषण के बाद विपक्ष के व्यवहार की निंदा की। उन्होंने कहा कि विपक्ष का व्यवहार बेहद निंदनीय है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्यपाल का विधानसभा में अभिभाषण हुआ है। राज्यपाल के अभिभाषण में सरकार की नीति को बताया गया।

उन्होंने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष ने अशिष्ट आचरण किया है, वह निंदनीय है। जिस तरह की भाषा का प्रयोग सपा के नेताओं ने किया है, यह निंदनीय है। सीएम योगी ने कहा कि इससे यह सिद्ध होता है कि यह लोग अराजकता से विधानसभा को मुक्त नहीं करना चाहते हैं। सभी मिलकर जनता की आवाज दबाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के कृत्य की हम सभी निंदा करते हैं। हम सपा और विपक्षी से निवेदन करते हैं कि इस तरह का व्यवहार न करें नहीं तो जनता लाल टोपी वालों को सबक सिखा देगी।

रामगोविंद चौधरी का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर पलटवार

नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर पलटवार करते हुए कहा कि वह खुद पहले अपना आचरण सुधारें। लाल टोपी आजादी की लड़ाई के निशानी है। भगवा रंग आजादी की लड़ाई में विरोध मेंरहा। उन्होंने 15 मिनट देर से पहुंचने पर राज्यपाल के अभिभाषण को अवैधानिक बताया। समाजवादी पार्टी के विधानमंडल दल के नेता राम गोविंद चौधरी ने बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल राम नाईक के अभिभाषण पर विरोध पर कहा कि यह कलंकित सरकार है। किसान मरा जा रहा है। उत्तर प्रदेश में कभी ऐसे हाल नहीं हुए। कासगंज मामले पर सरकार एक तरफा काम कर रही है। यहां निर्दोषों पर कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने कहा कि जो देश का जश्न मना रहे थे, उन पर कार्यवाही की जा रही है। सरकार भ्रष्ट है। सीएम योगी आदित्यनाथ के लाल टोपी वालों को सबक सिखाने के बयान पर राम गोविंद चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री की कही बातों की मैं निंदा करता हूं। मुख्यमंत्री बोलना सीखें। लाल टोपी ने देश को आजाद कराने का काम किया है। भगवा झंडे ने सिर्फ अंग्रेजो के लिए काम किया है। भगवा रंग धार्मिक प्रतीक है, इन्होंने उसे भी आलोचना का पात्र बना दिया है। केवल मुस्लिम धर्म के साथ नहीं बल्कि हिन्दू धर्म के साथ भी मजाक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले मुख्यमंत्री अपना रवैया सही करें। तब हमें बताएं कि क्या करना है, क्या नहीं। चौधरी ने कहा कि यह सरकार गूंगी और बहरी दोनों हो गई है।

विधान परिषद कल तक स्थगित

राज्यपाल राम नाईक का अभिभाषण देर तक चलने के कारण विधान परिषद की कार्यवाही 15 मिनट देर से यानी दोपहर 12.45 बजे से शुरू हुई। यहां पर कार्यवाही शुरू होते ही समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी तथा कांग्रेस के सदस्य हाथों में पोस्टर लहराते हुए सभापति के आसन के सामने आकर सरकार के विरोध में नारेबाजी करने लगे। शोरगुल के बीच सभापति रमेश यादव ने सदन में राज्यपाल राम नाईक का अभिभाषण प्रतिवेदित किया। इसके बाद बमुश्किल 11 मिनट में एजेंडे का काम निपटा कर सदन की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गई।

विधान भवन प्रांगण के बाहर ही चौधरी चरण सिंह की मूर्ति के नीचे समाजवादी पार्टी के विधायक धरना पर बैठे। यह सभी लोग सरकार के विरोध में जमकर नारा लगा रहे हैं। सभी विधायक एक स्वर में प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को किसान तथा गरीब विरोधी बता रहे हैं। विधानसभा भवन में सामने चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के समक्ष नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी और नेता प्रतिपक्ष विधानमंडल अहमद हसन के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी के विधायक धरने पर बैठे । रामगोविंद चौधरी ने बताया कि प्रदेश की जो कानून व्यवस्था है उसको लेकर पार्टी विरोध कर रही है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से कासगंज में मुसलामानों का शोषण किया जा रहा है, उसको लेकर पार्टी चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने कहा कि मुसलमान झंडा फहरा रहे थे, उन्हें रोका गया और दंगे किए गए। इसके अलावा इस सरकार ने अभी तक कोई भी विकास का काम नहीं किया है। फर्जी एनकाउंटर किए जा रहे हैं। आलू किसान परेशान है, युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है। अहमद हसन ने कहा कि आज सूबे अराजकता का माहौल है। सूबे में अपराधों की बाढ़ आ गई है। राज्यपाल के भाषण के दौरान हंगामे को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा राज्यपाल खुद ही कासगंज की घटना को यूपी के लिए कलंक बता चुके हैं।

समाजवादी पार्टी ने बजट सत्र से पहले प्रदर्शन किया। विधानभवन परिसर के अन्दर चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के पास बैठकर सत्ता पक्ष का विरोध। हाथों में तख्तियां और आलू की माला पहनकर सांकेतिक और प्रतीकात्मक ढंग से प्रदर्शन किया। विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन ने कहा मौजूदा सरकार कानून-व्यवस्था सम्भालने में फेल है। नेता विरोधी दल विधानसभा रामगोविंद चौधरी ने कहा कि सरकार किसानों की समस्या को दूर करने में विफल रही है। सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्त्तम ने कहा कि हम सभी विपक्षी सदस्य विधान परिषद में सरकार को घेरेंगे ।

सत्र के पहले दिन आज राज्यपाल राम नाईक दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगे। आज पहले दिन राज्यपाल के विधानसभा और विधान परिषद की संयुक्त बैठक को संबोधन के अलावा सरकार इसी सत्र के दौरान 16 फरवरी को अगले वित्त वर्ष का बजट पेश करेगी। राज्यपाल के अभिभाषण पर चार दिन चर्चा होगी। इस बार बजट सत्र 16 मार्च तक चलेगा। जिसमें सभी विभागों का भी क्रमवार बजट पेश होगा।

पिछले साल प्रचंड बहुमत के साथ प्रदेश में सरकार बनाने वाली योगी आदित्यनाथ सरकार का यह पहला संपूर्ण बजट होगा। योगी आदित्यनाथ सरकार ने बीते वर्ष जुलाई में पहला बजट पेश किया था। अगले वर्ष की शुरूआत में होने वाले लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखकर योगी सरकार जहां बजट को अंतिम रूप देने में व्यस्त थी।

करीब महीने भर चलने वाले उत्तर प्रदेश विधानमंडल के इस बजट सत्र के सत्र हंगामेदार होने के आसार हैं क्योंकि विपक्षी दल कानून-व्यवस्था, विशेषकर कासगंज हिंसा के मुद्दे पर प्रदेश सरकार को घेरने की तैयारी में है। बजट सत्र को लेकर जहां सरकार ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है वहीं विपक्ष ने भी सरकार को घेरने के लिए अपना प्लान तैयार कर रही है। विपक्ष चाहे बजट हो, कानून का मुद्दा हो या फिर आलू का या फिर एनकाउंटर सभी मुद्दे उठाने की तैयारी में है। सबसे बड़ी बात ये होगी की क्या विपक्ष आठ फरवरी को होने वाले राज्यपाल का दोनों सदनों के सयुक्त भाषण को विपक्ष सकुसल संपन्न होने देगा या फिर पिछले सत्र की तरह राज्यपाल के भाषण के समय हंगामा करेगा। यह सब चुनौती सरकार और सदन के सामने होगी।

राज्यपाल के भाषण को लेकर जहां विपक्ष अपनी तैयारी कर रहा है, वहीं विधानसभा अध्यक्ष ह्रदय नारायण दीछित ने साफ कर दिया है की विपक्ष अपना पक्ष नियम के मुताबिक रखे, ताकि उसकी और सदन दोनों की गरिमा बनी रहे। उन्होंने कहा कि यदि पिछली बार की तरह महामहिम के अभिभाषण के दौरान सुनियोजित तरीके से हंगामा करने की कोशिश हुई तो वह सदन की गरिमा के खिलाफ होगा और कार्यवाही भी होगी। विपक्ष हंगामा न करे, इसी कारण विधानसभा अध्यक्ष ने कल सभी दलों की संयुक्त बैठक बुलाई थी।

सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम

बजट सत्र में विधानसभा की सुरक्षा के लिए चाक-चौबंद इंतजाम हैं। इसके लिए दो एएसपी, पांच सीओ, 80 सब-इंस्पेक्टर व 500 कांस्टेबल के साथ चार कंपनी पीएसी और एटीएस कमांडो की दो टीम सुरक्षा के लिए तैनात है। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति और सामान को अंदर जाने की मनाही है। विधायक पास धारकों को ही प्रवेश दिया जा रहा है।

क्या खास होगा योगी आदित्यनाथ के बजट में

किसानों, बेरोजगारों, महिला सुरक्षा, निवेश, सड़क, उद्योग, हर घर बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य पर होगा फोकस

किसानों को शून्य लगत पर खेती पर जोर

एक जिला एक उत्पाद योजना के लिए 30 हजार करोड़ का हो सकता है प्राविधान

केंद्र की सात योजनाओं पर फोकस

1- स्वच्छ भारत अभियान

2- उज्ज्वला योजना

3- प्रधानमंत्री आवास योजना

4- पावर फ़ॉर आल

5-सौभाग्य योजना

6-वॉटर फॉर आल

7- डीबीटी यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रान्सफर स्कीम।

विधानसभा का बजट सत्र सही रूप से चलाना जहां सरकार के सामने बड़ी चुनौती होगी, वहीं बजट भी केंद्र की सात योजनाओं पर खास फोकस वाला हो सकता है। 2019 में लोकसभा चुनाव है। माना जा रहा है कि सरकार हर उस मुद्दे को इसमें शामिल करेगी, जिससे लोकसभा चुनाव में वोटर आकर्षित हो।

लंबा नहीं होगा बजट भाषण

अमूमन सरकार, राज्यपाल का अभिभाषण तैयार करते समय सभी उपलब्धियों को विस्तार से गिनाती है लेकिन, संकेत मिले हैं कि इस बार बजट भाषण लंबा नहीं होगा। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान राज्यपाल राम नाईक ने उनसे कह दिया कि बजट भाषण लंबा नहीं होना चाहिये। 30-40 मिनट में राज्यपाल का अभिभाषण समाप्त हो जाएगा।

राज्यपाल के अभिभाषण के बाद सदन का औपचारिक कार्य निपटाया जाएगा, अभिभाषण पर चर्चा शुरू होगी। विधानभवन में कल सर्व दलीय बैठक में सदन की कार्यवाही सुचारु चलाने पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री व नेता सदन योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष से व्यवस्थित सदन चलाने को सहयोग मांगा। उन्होंने सरकार की ओर से सभी को पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए कार्यवाही बाधित करने से नहीं बल्कि सदन में प्रभावी व तर्कसंगत चर्चा से समाधान निकलता है। उन्होंने कहा कि अधिकतम सदस्यों को अपनी बात को रखने का अवसर मिलना चाहिए। लोकतंत्र में विपक्ष की जिम्मेदारी है कि सदन चलाने में सकारात्मक सहयोग प्रदान करे। नियमित और अधिक बैठकें करने और स्वस्थ्य चर्चा करने के लिए सरकार तैयार है। 21 करोड़ जनता की उम्मीदें सदन में चर्चा से ही पूरी होती है।

बैनर पोस्टर न लहराएं

सर्वदलीय बैठक में विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित ने राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान सदन में बैनर और पोस्टर लहराकर विरोध जताने की परंपरा को गलत करार देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक वातावरण में सकारात्मक चर्चा होनी चाहिए। केवल व्यवधान उत्पन्न करके सुर्खियां बटोरने की अनुचित परंपरा संसदीय नहीं है। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने भी पक्ष विपक्ष के सहयोग से सदन सुचारु रूप से चलाने की बात कही।

विपक्ष को आईना मानें

नेता विरोधीदल रामगोविंद चौधरी ने कहा कि आमजन की समस्याएं सदन में उठाना विपक्ष का धर्म है, इसको अन्यथा न लिया जाए। सरकार को चाहिए कि विपक्ष को आईना मानकर जन समस्याओं को निपटाने में तत्परता दिखाएं। बहुजन समाज पार्टी दलनेता लालजी वर्मा और कांग्रेस विधानमंडल दल नेता अजय कुमार लल्लू ने सदन चलाने में यथासंभव सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि विपक्ष को अपनी बात कहने का अधिकार मिलना चाहिए। बैठक में अपनादल के नेता नीलरत्न पटेल और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के दल नेता ओमप्रकाश राजभर का उपस्थिति नहीं होना चर्चा का मुद्दा रहा।

दूरदर्शन पर एक घंटा अधिक प्रसारण

विधानसभा की कार्यवाही का दूरदर्शन पर एक घंटा अधिक यानी तीन बजे तक सीधा प्रसारण किया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित ने बताया कि दूरदर्शन सदन की कार्यवाही का सुबह 11 से दोपहर दो बजे तक सीधा प्रसारण करता है लेकिन अब इस अवधि को एक घंटा बढ़ाया गया है। उन्होंने विधानमंडल का अलग चैनल आरंभ करने के सुझाव पर विचार करने का आश्वासन भी दिया।

विपक्ष जोरदार तैयारी में

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता और विधानपरिषद सदस्य सुनील सिंह साजन ने कहा कि जिस राज्य में कानून व्यवस्था की इतनी समस्या हो वहां कोई भी उदयोगपति निवेश नहीं करेगा। एक ऐसा राज्य जहां की राजधानी असुरक्षित है, जहां पुलिस कर्मी सुरक्षित नहीं है, ऐसे में उद्योगपति समुदाय अपने को कैसे सुरक्षित महसूस करेगा। साजन ने हाल ही में मंत्री सत्यदेव पचौरी के उस बयान की भी निंदा की जिसमें उन्होंने कासगंज हिंसा को 'एक छोटी घटना' बताया था। उन्होंने कहा कि कासगंज हिंसा के मामले में सरकार बैकफुट पर आ गयी है और वह इसे 'छोटी घटना' बता रही है। उन्होंने सवाल किया, क्या वह राज्य में किसी बड़ी हिंसक घटना का इंतजार कर रहे हैं। तीन फरवरी को प्रदेश सरकार के मंत्री पचौरी ने कहा था कि ऐसी छोटी-छोटी घटनायें हर जगह होती रहती हैं और इस पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया था।

कांग्रेस विधायक दल के नेता अजय कुमार लल्लू ने कहा कि हम गरीबों, किसानों, युवाओं, बेरोजगारों और विशेषकर कानून व्यवस्था के मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे। लल्लू ने कहा कि आलू किसानों की दुर्दशा, गन्ना किसानों की समस्या, फर्जी मुठभेड़, बाराबंकी जहरीली शराब प्रकरण, बुंदेलखंड को विशेष पैकेज, बेरोजगारी, स्कूली बच्चों को स्वेटर और किताबें बांटने में सरकार की विफलता जैसे मुद्दे भी सदन में उठाये जाएंगे।

विपक्षी दलों के आरोपों को खारिज करते हुये उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि कुछ लोग उत्तर प्रदेश की गलत छवि पेश करना चाहते हैं। यह लोग अच्छी तरह जानते हैं कि हमारी सरकार विकास की दिशा में कितने अच्छे काम कर रही है। असल में ये लोग जनता के हितों में किये जा रहे हमारी सरकार के काम और जन कल्याणकारी कार्यक्रमों से घबरा गये हैं। उन्होंने कहा कि अपराधियों की तलाश जारी है, रोज पुलिस अपराधियों के साथ मुठभेड़ कर उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचा रही है।

Posted By: Dharmendra Pandey

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