चतरा, जागरण संवाददाता। राजद बुनकर प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष सह झारखंड प्रदेश मोमिन कांफ्रेंस के महासचिव अब्दुल्ला अंसारी ने बीस सूत्री कमेटी में अल्पसंख्यकों की समुचित भागीदारी नहीं मिलने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने इसके लिए स्थानीय राजद विधायक सह श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण मंत्री सत्यानंद भोगता को जिम्मेदार ठहराया है।

फैसला का खामियाजा भुगतना पड़ेगा-अंसारी

कहा गया कि, मंत्री को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। अंसारी ने कहा है कि एमवाई समीकरण पर वोट हासिल करने वाले राजद में अल्पसंख्यकों की घोर उपेक्षा की जा रही है। जिला 20 सूत्री कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के गठन से यह साबित हो चुका है। 20 सूत्री की जिला से लेकर प्रखंड कमेटी तक में किसी अल्पसंख्यक को नेतृत्व के काबिल नहीं समझा गया।

अल्पसंख्यक समाज की उपेक्षा का आरोप

जिले से लेकर प्रखंड तक 13 कमेटियां बनी। इनमें से एक में भी किसी अल्पसंख्यक को अध्यक्ष का पद नहीं दिया गया। यह अल्पसंख्यकों को राजनीतिक रूप से कमजोर करने और उन्हें राजनीतिक हासिए पर धकेलने की साजिश है। इस साजिश का पर्दाफाश करने और अल्पसंख्यकों के साथ दोयम दर्जे का सलूक करने के खिलाफ रविवार को स्थानीय मूसा मेमोरियल हाई स्कूल परिसर में मोमिन कॉन्फ्रेंस की बैठक आहूत की गई है। इसमें कॉन्फ्रेंस के जिले भर के कार्यकर्ताओं को आमंत्रित किया गया है। बैठक में 20 सूत्री के गठन में अल्पसंख्यकों की उपेक्षा के खिलाफ रणनीति तय की जाएगी।

Edited By: Madhukar Kumar