जयपुर, जागरण संवाददाता। कांग्रेस एक तरफ तो जेईई और नीट की परीक्षा कराए जाने का विरोध कर रही है। वहीं दूसरी तरफ राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार 31 अगस्त से 30 सितंबर के बीच तीन बड़ी परीक्षाएं आयोजित कर रही है, जिनमें बड़ी संख्या स्टूडेंट्स बैठेंगे। जेईई और नीट का विरोध व प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाएं कराने को लेकर भाजपा ने कांग्रेस व गहलोत सरकार पर दोहरा चरित्र अपनाने का आरोप लगाया है।

भाजपा प्रवक्ता रामलाल शर्मा ने कहा कि एक तरफ तो कांग्रेस दोनों बड़ी परीक्षाओं का विरोध कर रही है,वहीं दूसरी तरफ गहलोत सरकार प्रदेश में परीक्षाएं आयोजित करा रही है,जिनमें 9 लाख से अधिक स्टूडेंट्स बैठेंगे। जेईई और नीट के विरोध में शुक्रवार को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालय पर कांग्रेस की ओर से विरोध प्रदर्शन किए गए।

जयपुर में आयोजित विरोध प्रदर्शन में पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि परीक्ष करा कर केंद्र सरकार लाखों बच्चों को संक्रमण के खतरे में डाल रही है। हर वर्ग कोरोना से बचने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में बच्चों को जेईई और नीट की परीक्षा के लिए देशभर के सेंटर्स पर भेजा जाएगा। इससे बच्चों में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाएगा। उन्होंने कहा, केंद्र सरकार ने जो जिद और हट की है उसके विरोध में कांग्रेसजन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। यातायात के साधन और होटल बंद है,ऐसे में सभी को परेशानी होगी।

केंद्र सरकार को इस मसले पर संवेदनशील होकर पुनर्विचार करना चाहिए। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि केंद्र सरकार को बच्चों के स्वास्थ्य की चिंता नहीं है, परीक्षा दो-तीन माह के लिए स्थगित कर देनी चाहिए। इस मौके पर कई मंत्रियों ने संबोधित किया। कांग्रेस के अग्रिम संगठन युवक कांग्रेस व एनएसयूआई भी दो दिन से विरोध प्रदर्शन में जुटे हैं।

गहलोत सरकार करा रही ये परीक्षाएं

प्रदेश में गहलोत सरकार आधा दर्जन बड़ी परीक्षाएं आयोजित करा रही है, जिनमें 9 लाख से अधिक स्टूडेंट्स शामिल होंगे। इनमें 31 अगस्त को होने वाली डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन (प्रीडीएलएड) परीक्षा में 6 लाख 69 हजार 613 स्टूडेंट्स बैठेंगे। इसी तरह से राजस्थान लोक सेवा आयोग ने फॉरेस्ट कंजरवेटर और फॉरेस्ट रेंजर पोस्ट के लिए 240 पदों पर भर्ती निकाले हैं। इसके लिए 20 सितंबर से लेकर 28 सितंबर तक 1 लाख 32 हजार युवा परीक्षा में बैठेंगे।

राज्य माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की पूरक परीक्षाएं भी 3 से 12 सितंबर के बीच आयोजित होंगी। इनमें 1 लाख 17 हजार 300 बच्चे परीक्षा में शामिल होंगे। यह परीक्षा प्रदेश के 235 परीक्षा केंद्रों में आयोजित की जाएगी। स्टूडेंट्स ने परीक्षाएं फिलहाल स्थगित करने की मांग को लेकर सोशल मीडिया पर अभियान चला रखा है। इस बारे में राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास का कहना है कि प्रदेश सरकार परीक्षाओं को लेकर विचार कर रही है। अगले एक-दो दिन में कोई निर्णय हो जाएगा। 

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