जयपुर, जागरण संवाददाता। दिल्ली और एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण के चलते हेल्थ इमरजेंसी लागू होने के बावजूद राजस्थान के अलवर एवं भरतपुर जिलों में स्टोन क्रेशन एवं हॉट मिक्स प्लांट अभी तक बंद नहीं हो पाए हैं। अलवर एवं भरतपुर दोनों ही एनसीआर में शामिल है। प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण का संदेश मिलने के बाद राजस्थान सरकार के प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने पांच नवंबर तक स्टोन क्रेशर एवं हॉट मिक्स प्लांट बंद करने के आदेश जारी किए हैं। लेकिन दोनों ही जिलों में ये प्लांट अब तक बंद नहीं हो सके हैं।

अलवर जिले में क्रेशर और प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयां बंद नहीं की गई हैं। इसके पीछे जिला प्रशासन का तर्क है कि प्रदूषण फैलाने वाली कंपनियों और क्रेशरों का सर्वे करने के लिए कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी की रिपोर्ट मिलने के बाद प्रदूषण फैलाने वाली कंपनियों और क्रेशरों को बंद किया जाएगा। वहीं, भरतपुर में ईंट भट्टों को अब तक बंद नहीं किया जा सका है,जबकि इनसे भंयकर प्रदूषण फैलता है। यहां भी क्रेशर रविवार तक चालू है।

उधर, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को ट्वीट कर दिल्ली में हेल्थ इमरजेंसी पर चिंता जताई है। अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा कि दिल्ली और राजस्थान सहित पड़ोसी राज्यों में प्रदूषण का बढ़ता स्तर गंभीर चिंता का विषय है। लोग लंबे समय से पीड़ित हैं, खासकर बच्चे और बुजुर्ग। आज एक स्वास्थ आपातकाल है, जिसे केवल दिल्ली सरकार अकेले नहीं सुलझा सकती है। केंद्र सरकार को इस दिशा में जल्द कोई कदम उठाना चाहिए। वायु प्रदूषण का असर प्रदेश के जयपुर, अलवी, दौसा, भरतपुर और झुंझुंनू जिलों में नजर आया।

राज्य प्रदूषण मंडल के आदेश हुए बेअसर

राज्य प्रदूषण मंडल ने अलवर और भरतपुर में प्रदूषण फैला रहे क्रेशरों तथा लोहा गलाने वाली कंपनियों को बंद करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। मंडल के चेयरमैन और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पीके गोयल ने एनसीआर में प्रदूषण के हालात को देखते हुए तत्काल आदेश पर अमल करने के लिए कहा है। मंडल ने अलवर एवं भरतपुर जिलों के 250 से अधिक स्टोन क्रेशन एवं हॉट मिक्स प्लांट बंद करने के लिए निर्देश दिए, लेकिन इसके बावजूद जिला प्रशासन कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।अलवर जिला प्रशासन के इस ढुलमुल रवैये की वजह से भिवाड़ी और अलवर जिले सहित दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण लगातार खरतनाक स्तर तक फैल रहा है।

अलवर जिले का भिवाड़ी देश में सबसे प्रदूषित टॉप पांच शहरों की सूची में शामिल है। भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र में भी कोयला और अन्य ईंधन के उपयोग से चलने वाली करीब 125 इंडस्ट्रीज बंद करने के आदेश अभी तक प्रभावी नहीं हो पाए हैं।

उल्लेखनीय है कि कि प्रदूषण को लेकर ईपीसीए की रिपोर्ट और पराली जलाने जैसे मुद्दों पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा। अलवर जिला कलेक्टर इंद्रजीत सिंह ने बताया की राज्य प्रदूषण मंडल का पत्र मिलने के बाद एक कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद प्रदूषण फैलाने वाले संस्थानों पर कार्रवाई की जाएगी। 

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Posted By: Sachin Mishra

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