जयपुर, जेएनएन। Rajasthan Assembly. राजस्थान विधानसभा में सोमवार से शुरू हुई कार्यवाही के पहले दिन राज्यपाल कलराज मिश्र के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने सरकार को बिजली की दरों में बढ़ोतरी और टिड्डी नियंत्रण तथा कानून व्यवस्था की स्थिति पर घेरा। वहीं, सत्ता पक्ष ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया और केंद्र पर असहयोग का आरोप लगाया।

चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस विधायक राजकुमार शर्मा ने कहा कि अभिभाषण के जरिए राज्यपाल ने सरकार के अच्छे कार्यों पर मुहर लगाई है। उन्होने देश में बढ़ती बेरोजगारी के लिए केंद्र की मोदी सरकार को जिम्मेदार बताया। शर्मा ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार की गलत नीतियों के चलते बेरोजगार युवा अपराध की ओर बढ़ रहा है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के डंडा मारने वाले पर बयान पर उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के बयान पर प्रधानमंत्री मोदी ने गैर जिम्मेदाराना बयान दिया है।

कांग्रेस विधायक पानाचंद मेघवाल ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने निशुल्क दवा योजना के दुर्भावना के चलते रसातल पर पहुंचा दिया था, लेकिन मुख्यमंत्री गहलोत ने सत्ता में लौटते ही निशुल्क दवा योजना को और मजबूत करने का काम किया। वहीं, विधायक इंद्रराज गुर्जर ने कहा कि केंद्र सरकार राज्य को सड़क व अन्य परियोजनाओ के लिए पर्याप्त सहायता नहीं दे रही है और इसके चलते योजनाएं अटकी पड़ी हैं।

वहीं, विपक्ष की ओर से उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड ने सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने सरकार के एक साल को विफल बताते हुए कहा कि इस विधानसभा के दोनों सत्रों में सदन को आहूत करने को लेकर सरकार ने नियमों को ताक में रख दिया। उन्होंने कोटा के जेके लोन अस्पताल में नवजात बच्चों की मौत का मामला उठाते हुए कहा कि सरकार अपनी जवाबदेही से बच रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बीच चल रही कथित खींचतान पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो पंच, सरपंच नहीं बन सकते वो आज की कांग्रेस चला रहे हैं। सरकार के एक साल के जश्न पर सरकार बदली बदली नजर आई।

राठौड ने कर्जमाफी के मुद्दे पर किसानों से धोखाधड़ी करने का आरोप लगाते हुए टिड्डियों के हमले के बाद किसानों को मदद करने में सरकार पर नाकामी कर आरोप जड़ा। उन्होंने टिड्डी प्रभावित 12 जिलों के किसानों का ऋण और बिजली का बिल माफ करने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में टिड्डियों के हमले से किसानों की करोड़ों की फसल चैपट हो रही है। इस पर मुख्यमंत्री गहलोत ने चर्चा में दखल देते हुए कहा कि चूरू से आने वाले विधायक को पूरी जानकारी नही है। आपके केंद्रीय मंत्री ने तारीफ की है कि राजस्थान में सबसे अच्छा काम हुआ है। राठौड़ ने प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवसथा को लेकर भी सरकार को घेरा। राठौड़ ने कहा कि आज एक साल कार्यकाल ही में कानून व्यवस्था चैपट है, थाने में खुलेआम बदमाश फायरिंग बदमाश को छुड़ा ले जाते हैं। महिलाओं के साथ अपराध बढ़ रहे हैं। एक साल में ही प्रदेश में 1659 हत्याएं हुई हैं और 597 बलात्कार के मामले सामने आए हैं।

राठौड़ ने कहा कि आज नौकरशाही हावी है, सरकार के मंत्रियों की नहीं चल रही है। कई विधायक और मंत्री कह चुके हैं कि नौकरशाह जनता के काम नहीं कर रहे हैं। राठौड़ ने कहा कि सरकार के मंत्री एक दूसरे पर जिम्मेदारी डाल कर अपनी सामूहिक जिम्मेदारी से भाग रही है। वहीं विधायक रामलाल शर्मा ने कहा कि अभिभाषण में कही एक भी बात धरातल पर नजर नहीं आती है। प्रदेश के किसान और युवाओ को इस सरकार से कोई उम्मीद नहीं है।

भाजपा विधायक ने कहा, शराब बिक्री को आधार कार्ड से जोड़ा जाए

राजस्थान विधानसभा में भाजपा के विधायक मदनलाल खुराना ने सुझाव दिया है कि शराब की बिक्री को आधार कार्ड से जोड़ा जाना चािहए, ताकि इसकी बिक्री पर लगाम लग सके और गरीब आदमी इससे दूर रहे। उन्होंने यहां तक आरोप लगाया कि सरकार एक तरफ शराबबंदी के लिए अधिकारियों को दौरे करवा रही है, वहीं नई आबकारी नीति जारी कर शराब बिक्री को बढ़ावा दे रही है। गौरतलब है कि हाल में राजस्थान सरकार ने नई आबकारी नीति जारी की है।

भाजपा विधायक मदन दिलावर ने राज्यपाल के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर शुरू हुई चर्चा में कहा कि शराब पर लगाम कसने की कोशिश होनी चाहिए। इसके लिए शराब की बिक्री आधार कार्ड के आधार पर की जाए तो इस पर काफी हद तक नियंत्रण किया जा सकता है। दिलावर ने कहा कि शराब खरीदते समय ग्राहक का आधार कार्ड से जोड़ने से यह पता चल सकेगा कि कौन से वर्ग के लोग शराब खरीद रहे है। साथ ही, यह भी देखा जाना चाहिए कि बीपीएल कार्डधारी लोग कितनी शराब खरीद रहे हैं? कोई व्यक्ति शराब पर ज्यादा पैसा खर्च कर रहा है तो उसकी खरीद का रिकॉर्ड आधार कार्ड से लिंक करने पर आ जाएगा।

दिलावर ने कहा कि अगर ऐसे व्यक्तियों को बीपीएल कार्ड या दूसरे किसी आधार पर सरकारी अनुदान या अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं तो वह रोकी जानी चाहिए, क्योकि कोई व्यक्ति शराब पर ज्यादा पैसा खर्च कर सकता है तो वह अपने दूसरे खर्च भी चला सकता है। मदन दिलावर ने सरकार पर गरीब विरोधी होने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार शराब की बिक्री पर लगाम नहीं लगा कर यह साबित कर रही है कि वह गरीब विरोधी है।

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