पटना, जेएनएन। बिहार में एक तरफ बाढ़ की त्रासदी जारी है तो वहीं इस मुद्दे को लेकर बिहार में सियासत तेज हो गई है और विपक्ष लगातार सत्तापक्ष पर हमलावर है। सदन के मानसून सत्र के दौरान आज बाढ़ को लेकर विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा और हंगामा नारेबाजी की।

राबड़ी ने कहा-यहां तो चूहे हैं करामाती, लाते हैं बाढ़

सोमवार को राजद विधायकों ने सदन के बाहर बाढ़ को लेकर जमकर हंगामा बोला और राज्य सरकार पर गरीब विरोधी होने का आरोप लगाया। पूर्व सीएम राबड़ी देवी ने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ को लेकर पहले से कोई तैयारी नहीं  करती। सभी बांध पर पिच रोलर होना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यहां तो चूहे ही करामाती हैं। चूहा कभी शराब पीता है कभी बांध ही तोड़ देता है।

राबड़ी ने कहा कि आज पूरा बिहार बाढ़ की चपेट में है और बिहार का कोई अधिकारी, मंत्री बाढ़पीड़ितों से मिलने जमीन पर नहीं जा रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि यहां तो अधिकारियों के बीच लूट-खसोट मची हुई है। सीएम केवल हवाई सर्वे कर रहे हैं, गरीबों के लिए सरकार कुछ भी नहीं कर रही है।

राजद ने दो दिनों के लिए सदन का कार्यवाही स्थगित करने की मांग की

विधानसभा में आरजेडी नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने दो दिन के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित करने की मांग की। राजद सदस्य ललित यादव और भाई वीरेंद्र ने सरकार पर कर्तव्यहीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि लाशें सड़ रही हैं, कोई उठाने वाला नहीं है। कोई राहत कार्य नहीं हो रहा है।

राजद विधायक भोला यादव ने कहा कि दरभंगा समेत कई जिलों में बाढ़ की स्थिति भयावह हो गई है। कई लोग बाढ़ के पानी में बह चुके हैं औऱ सरकार का कोई रेस्क्यू अॉपरेशन किसी काम का नहीं है। केवल बयानबाजी और हवाई सर्वे किया जा रहा है। 

कांग्रेस ने बांध टूटने की जांच करने की मांग की

वहीं बिहार विधानपरिषद में कांग्रेस पार्षदों ने बाढ़ की समस्या से सुरक्षित निपटने और बांध टूटने की जांच कराने की मांग की। कांग्रेस नेता प्रेमचन्द्र मिश्रा ने कहा कि मानव के करतूतों के कारण हर साल ये आपदा आती है। 

राजद ने बाढ़ पर सदन में चर्चा करने की मांग की, डिप्टी सीएम ने दिया जवाब

बिहार विधान परिषद में राजद ने बाढ़ की समस्या को लेकर कार्यस्थगन प्रस्ताव लाया। पार्टी ने बाढ़ में करोड़ों रुपये बर्बाद करने का सरकार पर आरोप लगाया। सुबोध राय, दिलीप राय, राधा चरण सहित राजद सदस्यों ने बाढ़ पर चर्चा की मांग की।

इसपर, विधान परिषद में डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने सदन को आश्वासन दिया कि सदन जब चाहे तब हमसब बहस के लिए तैयार हैं। सरकार के हर काम की पूरी जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अभी सीएम बाढ़ के सर्वे के लिए अधिकारियों के साथ गए हैं।

विधानसभा अध्यक्ष ने भी माना, बाढ़ की स्थिति गंभीर 

बिहार विधानसभा अध्यक्ष ने बाढ़ की स्थिति को गंभीर माना है और कहा है कि सदस्य इस मामले को उचित समय में ही उठाएं। कांग्रेस सदस्य सदानंद सिंह ने बाढ़ के मुद्दे पर विशेष बहस की मांग की जिसपर विधानसभा अध्यक्ष ने सहमति जतायी। 

 

Posted By: Kajal Kumari

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