मुंबई, एएनआइ। महाराष्ट्र  के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेंद्र फडनवीस ने कहा विपक्षी नेताओं का फोन टेप करना महाराष्ट्र की परंपरा नहीं है। हमारे सरकार ने ऐसा आदेश कभी नहीं दिया। वर्तमान राज्य सरकार किसी भी एजेंसी द्वारा किसी भी जांच करने के लिए स्वतंत्र है। यहां तक कि शिवसेना के नेता भी तब राज्य गृह मंत्रालय का हिस्सा थे।

शिवसेना नेता दीपक केसरकर ने कहा जहां तक फोन टैपिंग का सवाल है, यह सभी जानते थे कि कांग्रेस के शासनकाल में भी शिवसेना नेताओं के फोन टैप किए जाते थे। यदि किसी नेता का फोन टैप किया गया था, तो यह आपत्तिजनक है। यह अच्छा है कि आपत्ति उठाई गई है, लेकिन जांच से पहले टिप्पणी करना मेरे लिए सही नहीं है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र सरकार को संदेह है कि विधानसभा चुनाव के समय शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेताओं के फोन टेप हुए थे। ऐसी आशंका है कि इसमें उद्धव ठाकरे और शरद पवार के फोन भी टेप किये गये थे। 

 गृहमंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि जब यहां भाजपा की सरकार थी तब लोकसभा और विधानसभा चुनावों से पहले उन्होंने कांग्रेस-एनसीपी के नेताओं के फोन टैप किए थे। आरोप हैं कि उन्होंने सरकार के पैसे पर इजरायल का सॉफ्टवेयर खरीदा था और इसका इस्तेमाल फोन टेप करने के लिए किया था। हम इस मामले में जांच कर रहे हैं। 

वहीं शिवसेना नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने फोन टैपिंग की घटना को लेकर कहा कि इन दिनों राजनीति में फोन टैपिंग के मामले सामने आ रहे हैं। मैं इसे अधिक गंभीरता से नहीं लेता क्योंकि मैं जानता हूं कि गृह मंत्रालय को फोन टैपिंग करने और विरोधियों पर नजर रखने की आदत है। लेकिन इसके बावजूद भी हमने महाराष्ट्र सरकार का गठन किया।

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