मुंबई, एजेंसी। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बांद्रा स्थित निजी आवास मातोश्री के पास चाय बेचने वाले एक व्यक्ति को भी संक्रमित पाया गया है। उसे आइसोलेशन वार्ड में भेज दिया गया है। उसके परिवार की भी जांच की जा रही है कि कहीं उसका परिवार कोरेाना संक्रमित तो नहीं है। इसके बाद नगर निगम ने पूरे इलाको को सैनिटाइज किया है। वह जहां रहता है, उसे सील कर सैनिटाइज किया जा रहा है। यह भी पता किया जा रहा कि वह किन किन लोगों से मिला है, उन्‍हें भी क्‍वारंटाइन किया जाएगा। महाराष्‍ट्र में बड़े पैमाने पर मामले सामने आने के बाद कहा गया है कि अब यहां बड़े कोरेाना वायरस की टेस्टिंग होगी। केंद्र सरकार ने भी इसकी अनुमति दे दी है। महाराष्‍ट्र की झुग्‍गी झोपड़ी धारावी में भी कोरेाना के मामले सामने आने के बाद सावधानी बरती जा रही है। 

 महाराष्‍ट्र में सबसे ज्‍यादा 120 नए मामले  

महाराष्ट्र में एक दिन में देश में सबसे ज्यादा 120 नए मामले सामने आए हैं। इनमें से अकेले मुंबई में 68 और पुणे में 41 मामले शामिल हैं। राज्य में संक्रमितों की संख्या 868 हो गई है। 

पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 704 नए मामले पूरे देश में सामने आए हैं और 28 मौतें पूरे देश में हुई हैं। यह अब तक की सबसे बड़ी वृद्धि है। भारत में Covid 19 के कुल मामले बढ़कर 4281 हो गए हैं। इसमें सक्रिय मामले 3851 हैं। इसमें 318 ठीक हो गए हैं। अब तक देश में 111 लोगों की मौत हुई है। 

4653 राहत शिविरों की स्थापना

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री का कार्यालय के अनुसार महाराष्ट्र सरकार ने 4653 राहत शिविरों की स्थापना की है, जो 4,54,142 प्रवासी मजदूरों को आश्रय दे रहे हैं और पूरे राज्य में 5,53,025 प्रवासी मजदूरों और बेघर लोगों को भोजन प्रदान कर रहे हैं।  

महाराष्‍ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि अब तक 49,708 लोगों को छोड़ दिया गया है। राज्य भर के 4,532 शिविरों में 4,47,050 प्रवासी मजदूरों को आश्रय दिया गया है।  अनिल देशमुख ने कहा कि लॉकडाउन का उल्लंघन करने वाले 1,410 लोगों की गिरफ्तारियां हुई हैं और 7,570 वाहनों को ज़ब्त किया गया है। कुल 65,43,624 रुपये जुर्माना लगाया गया है। 

अंतिम संस्‍कार के लिए बनए गए नियम 

पिछले दिनों मुंबई में बीएमसी (बृहन्मुंबई नगर निगम) के आयुक्‍त प्रवीन परेदेशी ने कहा था कि कोरोना वायरस के रोगियों के सभी शवों को धर्म की परवाह किए बिना अंतिम संस्कार किया जाना चाहिए। उन्‍हें दफनाने की अनुमति नहीं होगी, बल्कि उन्‍हें जलाया जाएगा। अंतिम संस्कार में 5 से अधिक लोग शामिल नहीं होने चाहिए। ज्ञात हो कि नगर निगम ही अंतिम संस्‍कार जैसे सामाजिक कार्यक्रम को देखती है। 

 

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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