लखनऊ, जेएनएन। चुनावी मौसम में बसपा प्रमुख मायावती लगातार ट्विटर के जरिये भाजपा पर हमलावर हैं। मंगलवार को उन्होंने नोटबंदी को लेकर केंद्र सरकार को घेरा।

उन्होंने ट्वीट कर कहा कि 'अपरिपक्व तरीके से थोपी गई नोटबंदी की आर्थिक इमरजेंसी का कुप्रभाव भले ही धन्नासेठों पर न पड़ा हो लेकिन, ग्रामीण भारत पर इसका बहुत ही बुरा प्रभाव जारी है। कामगार बेरोजगार होकर गांव वापस लौटने व मजदूरी करके गुजर-बसर करने पर मजबूर हैं, आंकड़े गवाह हैं। क्या बीजेपी माफी मांगेगी?'

रुपये से नहीं हमारी नीति से दूर होगी गरीबी

इससे पहले मायावती ने कांग्रेस के 20 फीसद गरीब परिवारों को साल में 72 हजार रुपये देने की घोषणा पर कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए ट्वीट किया। मायावती ने गरीबी और बेरोजगारी के लिए भाजपा और कांग्रेस की सरकारों को दोषी ठहराया है। मायावती ने कहा है कि गरीबी पूरी तरह से दोनों सरकारों की गलत नीतियों की ही देन है।

उन्होंने रुपये देकर गरीबी दूर करने के कांग्रेस के दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि गरीब की जटिल समस्या सिर्फ बसपा की नीति और उसकी दृढ़ इच्छाशक्ति से ही दूर हो सकती है। हर हाथ को काम देने की नीति से बसपा ने प्रदेश में सर्वसमाज के लाखों लोगों को रोजगार देने का काम किया है।

गौरतलब है कि बसपा सुप्रीमो के निशाने पर भाजपा के साथ ही कांग्रेस भी है। कांग्रेस से दूरी बनाए रखने में ही मायावती को फायदा नजर आ रहा है।

Posted By: Umesh Tiwari

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