राज्य ब्यूरो, कोलकाता : एमएसएमई और सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि एमएसएमई की परिभाषाओं में हाल ही में बदलाव किया गया है और अधिक बदलावों पर विचार किया जा रहा है। बड़ी संख्या में एमएसएमई का पुनर्गठन किया गया है और अधिक एमएसएमई का पुनर्गठन 31 दिसंबर 2020 तक किया जाएगा। श्री गडकरी मंगलवार को कोलकाता स्थित मर्चेंट्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की ओर से एमएसएमई पर आयोजित एक वेबीनार में बोल रहे थे।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एमएसएमई के लिए 10,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। जिन एमएसएमई का निर्यात में अच्छा ट्रैक रिकॉर्ड है, उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा और एमएसएमई एक्सचेंज बनाया जाएगा ताकि एमएसएमई आसानी से इक्विटी जुटा सकें। एमएसएमई के लिए एक ई-मार्केट स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। यह घरेलू कंपनियों को वैश्विक कंपनियों से अनुचित प्रतिस्पर्धा से बचाएगा। अगस्त 2020 तक एमएसएमई को इपीएफ समर्थन दिया जाएगा। 3 करोड़ से अधिक एमएसएमई को इस सहायता से लाभ होगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा, भारत उन कंपनियों के लिए एक विकल्प हो सकता है जो चीन से विनिर्माण आधार को स्थानांतरित करना चाहती हैं।

बताते चलें कि एमएसएमई भारत में 11 करोड़ नौकरियां पैदा करते हैं और देश के 40 फीसद निर्यात में उनका योगदान होता है। श्री गडकरी ने बताया कि 22 एक्सप्रेस हाईवे आ रहे हैं और 7 पर काम शुरू हो गया है। दिल्ली - मुंबई एक्सप्रेस हाइवे पर काम चल रहा है, जो दोनों शहरों के बीच की दूरी को कम करेगा।

Posted By: Vijay Kumar

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