नई दिल्ली [संजीव गुप्ता]। Lok Sabha Election 2019: लोकसभा चुनाव के मद्देनजर दिल्ली की सभी सातों सीटों पर जीत की संभावना को देखते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस के बीच गठबंधन के खटाई में पड़ने के आसार बन गए हैं। दरअसल, AAP इस गठबंधन के सहारे हरियाणा और पंजाब में अपनी जमीन मजबूत करना चाह रही है, जबकि कांग्रेस उसे इन दोनों ही राज्यों में कोई सीट देने को तैयार नहीं है। वहीं केवल दिल्ली में गठबंधन को लेकर AAP दिलचस्पी नहीं ले रही। ऐसे में कांग्रेस अब अपने दम पर ही लोकसभा चुनाव लड़ने का मन बना रही है।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक AAP दिल्ली के साथ-साथ हरियाणा और पंजाब में भी कांग्रेस से गठबंधन करना चाहती है। दिल्ली में जहां वह पांच सीटें मांग रही है, वहीं हरियाणा में दो और पंजाब में तीन सीटें चाहती है। कांग्रेस पार्टी की पंजाब और हरियाणा इकाई AAP को एक भी सीट देने की पक्षधर नहीं है। पंजाब इकाई का दावा है कि 13 में से 11 सीटें वह अपने दम पर ही जीत लेगी। इसी तरह हरियाणा इकाई का तर्क है कि वहां पर AAP का कोई जनाधार है ही नहीं। ऐसे में दिल्ली में भी गठबंधन की फांस फंसती जा रही है।

सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस की दिल्ली इकाई भी AAP से गठबंधन की सूरत में बराबरी का हक चाहती थी। मतलब, सात सीटों को लेकर 3-3-1 का फामरूला अपनाने के पक्ष में थी। सातवीं सीट पर साझा प्रत्याशी चाहती थी, लेकिन AAP इसके लिए तैयार नहीं हुई। तब प्रदेश कांग्रेस प्रभारी पी सी चाको और AAP सांसद संजय सिंह की बैठक में चार और तीन के फॉर्मले पर सहमति बनी। गठबंधन के इस मसौदे पर पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी की भी सहमति मिल चुकी है। लेकिन, औपचारिक घोषणा के लिए कांग्रेस को आप के अंतिम जवाब का कई दिन से इंतजार है।

दूसरी तरफ AAP नेताओं के सुर भी बदलने लगे हैं। ऐसे में कांग्रेस ने अब दिल्ली में भी अकेले ही चुनाव लड़ने का मन बना लिया है। हाईकमान के संकेत पर मंगलवार को चाको ने शीला से उनके घर जाकर मुलाकात की और इस बाबत पार्टी के स्टैंड से अवगत कराया।

ऊहापोह की स्थिति

पी सी चाको (प्रदेश प्रभारी, दिल्ली कांग्रेस) की मानें तो AAP के साथ गठबंधन को लेकर कांग्रेस की बातचीत चल रही है, लेकिन कई कारणों से गठबंधन फाइनल नहीं हो पा रहा है। ऐसे में पार्टी हाईकमान के निर्देशानुसार ही आगे की रणनीति तय की जाएगी।

शीला दीक्षित (प्रदेश अध्यक्ष, दिल्ली कांग्रेस) का कहना है कि AAP के साथ गठबंधन होगा या नहीं, इस पर बृहस्पतिवार तक सारी स्थिति स्पष्ट और सार्वजनिक हो जाएगी।

केंद्रीय चुनाव समिति को भेजे जाएंगे सातों प्रत्याशियों के नाम

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआइसीसी) द्वारा गठित दिल्ली की स्क्रीनिंग कमेटी की बुधवार को बैठक होगी। इसमें सातों सीटों के लिए उम्मीदवारों का नाम तय कर केंद्रीय चुनाव समिति को भेज दिया जाएगा। बृहस्पतिवार को केंद्रीय चुनाव समिति की अंतिम बैठक होनी है। इस बैठक में दिल्ली के सभी नामों की सूची फाइनल कर अंतिम स्वीकृति के लिए आलाकमान को दे दी जाएगी।

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Posted By: JP Yadav

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