नई दिल्ली, जेएनएन। शिरोमणी अकाली दल (बादल) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने आपातकाल की बरसी पर पार्टी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब के लोग 25 जून को काला दिवस के रूप में मनाते आए हैं और आगे भी मनाते रहेंगे। कांग्रेस और गांधी परिवार द्वारा सिखों पर किए गए अत्याचार के खिलाफ हमारा विरोध जारी रहेगा।

उन्होंने कहा कि 25 जून, 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल लगाकर लोकतंत्र का गला दबाने की कोशिश की थी। अकाली दल ने इंदिरा गांधी द्वारा की गई लोकतंत्र की हत्या की साजिश का मुखर विरोध करते आपातकाल के खिलाफ देश में सबसे पहले और सबसे बड़ा आंदोलन शुरू किया था। उन्होंने बताया कि आपातकाल के खिलाफ गिरफ्तारी देने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं के पहले जत्थे का नेतृत्व खुद प्रकाश सिंह बादल ने किया था।

सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि आपातकाल के दौरान गिरफ्तार हुए 90 हजार लोगों में से 60 हजार पंजाब से थे। उन्होंने कहा कि श्री दरबार साहिब पर तोप व टैंक से हुए हमले और 1984 में दिल्ली में सिखों के कत्लेआम को पार्टी कभी नहीं भूल पाएगी और न ही कभी नेहरू-गांधी खानदान को माफ करेगी। आजादी के बाद पंजाब अकेला ऐसा राज्य था, जिसकी अपनी कोई राजधानी नहीं थी, यह उस समय की केंद्र सरकार द्वारा पंजाब से किया गया छल था।

इसके अलावा पंजाबी बोलने वाले इलाकों को राज्य से छीन लिया गया, राज्य की नदियों के पानी को अनुचित तरीके से बांटा गया। चाहे जल संकट हो या कानून व्यवस्था का मसला, पंजाब के साथ उस समय किए गए भेदभाव आज भी मुश्किल पैदा करते हैं।

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