नई दिल्ली, प्रेट्र्। वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए कनॉट प्लेस में स्मॉग टावर स्थापित करने के पायलट प्रोजेक्ट के लिए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार को तीन महीने का समय दिया है। कोर्ट ने इस काम के लिए दोनों की नौ माह का समय देने का अनुरोध ठुकरा दिया।

जस्टिस अरुण मिश्र और जस्टिस दीपक गुप्ता की पीठ ने कहा, ‘आप इतना समय नहीं ले सकते। हम और एक साल खराब नहीं करना चाहते।’ केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एएनएस नादकर्णी ने शीर्ष कोर्ट को बताया कि उन्होंने इस संबंध में शपथपत्र दाखिल कर दिया है। इस पर पीठ ने पूछा, ‘पायलट प्रोजेक्ट लागू करने के लिए आपको कितना समय चाहिए?’ नादकर्णी ने कहा कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत स्मॉग टावर स्थापित करने के लिए अधिकतम पांच से छह महीने की जरूरत होगी।

दिल्ली सरकार की ओर से पेश मुकुल रोहतगी ने कहा कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत कनॉट प्लेस में स्मॉग टावर स्थापित किया जाएगा। इसके लिए न्यूनतम आठ से नौ महीने की जरूरत होगी। पीठ ने उच्चस्तरीय समिति से संबद्ध आइआइटी के प्रोफेसर से भी पूछताछ की। यह समिति वायु प्रदूषण से निपटने के लिए स्मॉग टावर और स्मॉग गन जैसी तकनीक के इस्तेमाल की संभावना पर काम कर रही है।

जब आइआइटी के विशेषज्ञ ने कहा कि कनॉट प्लेस में स्मॉग टावर पर पायलट प्रोजेक्ट अगले साल अगस्त या सितंबर में पूरा हो जाएगा, पीठ ने कहा, ‘क्या दो या तीन महीने में पूरा नहीं हो सकता?’

पीठ ने वायु प्रदूषण से निपटने के लिए नादकर्णी से स्मॉग गन जैसी तकनीक के इस्तेमाल के बारे में भी पूछा। पीठ ने कहा, ‘कितने स्मॉग गन की जरूरत पड़ेगी? इसके लिए कोष कौन मुहैया कराएगा? स्मॉग गन पर कितना खर्च आएगा? कल तक आप इस बारे में हमें सूचित करेंगे। हम आदेश जारी करेंगे।’

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Posted By: JP Yadav

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