नई दिल्ली [संजीव गुप्ता]। मध्य प्रदेश की तर्ज पर दिल्ली कांग्रेस भी सभी रूठों को मनाने की कवायद में जुट गई है। इसी के मद्देनजर 2017 में नगर निगम चुनावों के दौरान जिन बागी हुए पूर्व कांग्रेसियों ने पार्टी को हराया था, उनकी जल्द ही घर वापसी कराई जाएगी। दिल्ली कांग्रेस ने तीनों नगर निगमों के बागी हुए उम्मीदवारों की सूची तैयार कर उनसे संपर्क साधना भी शुरू कर दिया है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ इस फार्मूले का सफल प्रयोग कर चुके हैं।

नगर निगमों से 55 की सूची तैयार
पार्टी सूत्रों के मुताबिक उत्तरी दिल्ली नगर निगम से 21, पूर्वी दिल्ली नगर निगम से 15 और दक्षिणी दिल्ली नगर निगम से 19 बागियों की सूची तैयार की गई है। इन सभी ने कांग्रेस से बगावत कर या तो निर्दलीय चुनाव लड़ा था या तो विपक्षी पार्टियों के उम्मीदवार को जिताने में मदद की थी। इन नेताओं की वापसी के प्रयास हुए शुरू नगर निगम के बागी उम्मीदवारों के साथ-साथ पूर्व अध्यक्ष अजय माकन से नाराज कई नेताओं ने भी भाजपा का रुख कर लिया था। इन नेताओं में किराड़ी के पूर्व प्रत्याशी प्रत्यूष कंठ, दिल्ली विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर अमरीश गौतम, यूपीए के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री कृष्णा तीरथ और दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष बरखा शुक्ला सिंह का नाम भी शामिल है।

गुटबाजी खत्म करने के नाम पर भी न हो गुटबाजी
दिल्ली कांग्रेस में शीला दीक्षित पूर्व अध्यक्ष माकन से नाराज नेताओं की वापसी कराने में लगी हुई है। लेकिन, कड़वा सच यह भी है कि अगर इस सबके बीच माकन के खास नेताओं को तवज्जो नहीं दी गई तो फिर से कांग्रेस को गुटबाजी का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। शीला इसी महीने के अंत तक अपनी कार्यकारिणी भी घोषित करने जा रही है। शीला की नई टीम के नामों से ही साफ हो पाएगा कि दिली कांग्रेस आगामी लोकसभा चुनावों के लिए एकजुट है या नही।

14 जिलों के लिए नियुक्त किए जाएंगे 28 पर्यवेक्षक
माकन द्वारा नियुक्त जिला अध्यक्षों को तो शीला नहीं बदलेंगी, लेकिन माकन के बनाए आधे जिला पर्यवेक्षकों को बदलने की तैयारी अवश्य कर ली गई है। नई बात यह भी कि हर जिले के लिए दो पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाएंगे यानी 14 जिलों के लिए जल्द ही 28 पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिए जाएंगे।

पार्टी का पक्ष
55 लोगों की यह फेहरिस्त उन नेताओं की है जिन्होंने 2017 के नगर निगम चुनावों के दौरान कांग्रेस को हराने में मदद की थी। हालांकि सूची में मौजूद यह सभी नेता कांग्रेस के पूर्व के साथी रहे हैं, लेकिन पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन की खिलाफत या फिर टिकट वितरण में तवज्जो न दिए जाने के कारण इन्होंने बागी होकर चुनाव लड़ा। अब 2019 की तैयारियों में जुटी दिल्ली प्रदेश कांग्रेस की नई अध्यक्ष शीला दीक्षित इन्हें मनाने की कवायद में जुटी हैं।
जितेंद्र कोचर, प्रवक्ता, प्रदेश कांग्रेस

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