नई दिल्ली, जेएनएन। दिल्ली में लोकसभा चुनाव में भाजपा ने ऐतिहासिक जीत हासिल की है। इस जीत से दिल्ली में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी का सियासी कद भी बढ़ा है। अब पार्टी अगले वर्ष होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटेगी। लोकसभा चुनाव में क्या थीं चुनौतियां और आगे की रणनीति क्या होगी, इस पर संतोष कुमार सिंह  ने उनसे विशेष बातचीत की। प्रस्तुत हैं बातचीत के प्रमुख अंश :

इस प्रचंड जीत का श्रेय आप किसे देंगे?

इस एेतिहासिक जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व, राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के संगठनात्मक कौशल और भाजपा कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम को जाता है। इसके साथ ही यह देशवासियों के नए भारत के सपनों की जीत है।

क्या आपको इतनी बड़ी जीत की उम्मीद थी?

देश की जनता ने प्रधानमंत्री में विश्वास दिखाते हुए यह माना है कि मोदी है तो मुमकिन है। 2014 में मोदी जनता के लिए उम्मीद थे और 2019 में विश्वास बन गए हैं। यही कारण है कि लोगों ने भाजपा को इतना बड़ा समर्थन दिया है। लोगों ने पांच साल के विकास और मजबूत नेतृत्व में अपना विश्वास जताया है। दिल्ली में सभी उम्मीदवारों ने रिकॉर्ड मतों से जीत हासिल की है। यह अप्रत्याशित है।

इस जीत के क्या संकेत व संदेश हैं?

दिल्ली व देश के लोग विकास व मजबूत नेतृत्व चाहते हैं। जनता साफ नीयत से काम करने वाली सरकार व पार्टी के साथ खड़ी होती है। लोग झूठ व दुष्प्रचार की रणनीति को कभी स्वीकार नहीं करते। यह चुनाव परिणाम विपक्ष द्वारा किए गए दुष्प्रचार, झूठ, व्यक्तिगत आक्षेप और आधारहीन राजनीति के विरूद्ध दिल्ली के लोगों का जनादेश है। दिल्लीवासियों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह झूठ, फरेब व बहकावे की राजनीति करने वालों के साथ नहीं चलेंगे। वे भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनाकर दिल्ली को देश में बह रही विकास की धारा से जोड़ने को तैयार हैं।

क्या यह लहर विधानसभा चुनाव तक कायम रहेगी?

निश्चित रूप से भाजपा विधानसभा चुनाव भी जीतेगी। नगर निगम चुनाव के बाद लोकसभा चुनाव में भी दिल्ली के लोगों ने नकारात्मक राजनीति करने वालों को सकारात्मक जवाब दिया है। विधानसभा चुनाव में भी दिल्ली के लोग भाजपा को अपना समर्थन देंगे और नकारात्मक राजनीति करने वालों को उखाड़ फेंकेंगे। दिल्ली को अरविंद केजरीवाल से मुक्ति दिलाकर भाजपा सरकार बनाएगी।

अब आप केंद्र में मंत्री बनेंगे या दिल्ली के मुख्यमंत्री?

यह सोचना हम लोगों का काम नहीं है। हमारे शीर्ष नेतृत्व का जो आदेश होता है हम सभी उसका पालन करते हैं। हमारी यही ख्वाहिश है कि नरेंद्र मोदी दोबारा प्रधानमंत्री और दिल्ली में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बने। एक पूरा हो गया और अब दूसरे के लिए काम करना है। मेरा एजेंडा और सपना दिल्ली की खुशी है। यह तब पूरा होगा जब मोदी प्रधानमंत्री रहें और दिल्ली में पांच साल की भाजपा सरकार बनेगी। इसके लिए कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर काम करेंगे।

दिल्ली के लिए आपकी क्या योजना है?

चुनाव का एक चरण आज समाप्त हुआ है। दूसरा चरण आगामी फरवरी माह में विधानसभा चुनाव के साथ समाप्त होगा। इसमें नकारात्मक लोगों को, झूठ बोलकर सत्ता पर काबिज होने वाले जनता के शत्रुओं से दिल्ली को मुक्त कराया जाएगा। ऐसे लोगों को सत्ता से हटाकर दिल्ली को विश्व का सर्वश्रेष्ठ शहर बनाना हमारा कर्तव्य है जिसे पूरा करेंगे।

आप व कांग्रेस के बीच गठबंधन होने पर भाजपा की राह कितनी कठिन होती?

भाजपा को प्रधानमंत्री के काम व उनकी लोकप्रियता पर विश्वास था। भाजपा सांसदों ने भी अपने क्षेत्र में हरसंभव प्रयास किया है। एक तरफ मोदी का विकास था और दूसरी ओर लोगों ने केंद्र व राज्य में 15 वर्षो तक कांग्रेस सरकार तथा वर्तमान केजरीवाल सरकार के नाकारापन और भ्रष्टाचार को देखा है। ऐसे में कांग्रेस व आप के मिलकर चुनाव लड़ने पर भी भाजपा की जीत होती। दिल्ली में भाजपा को प्राप्त मत कांग्रेस व आप को मिले कुल मतों से ज्यादा है।

क्या 70 में से 67 सीटें जीतने की आम आदमी पार्टी के रिकॉर्ड को भाजपा तोड़ सकती है?

मतगणना से पहले हम सोचते थे कि भाजपा 55 सीटों वाली सरकार दिल्ली में बना सकती है, लेकिन दिल्ली के लोगों ने इस चुनाव में जो प्यार दिया है उसे देखकर विश्वास बढ़ा है। 67 सीट जीतने की बात तो हम नहीं कर सकते हैं, लेकिन हमें विश्वास है कि अगले विधानसभा चुनाव में भाजपा 60 सीटों वाली सरकार बनाएगी।

तीन बार की मुख्यमंत्री रहीं शीला दीक्षित को चुनाव में हराना कितना कठिन था?

निश्चित रूप से चुनाव में आपके सामने शीला दीक्षित जैसी शख्सियत हों तो एक बार दिल का धड़कना लाजिमी है। लेकिन, काम करने पर जनता कितना खुश होती है, यह मैंने इस चुनाव में अनभुव किया है। मोदी सरकार के काम से जनता का अथाह प्यार हमें और अन्य भाजपा प्रत्याशियों को मिला है। वर्षो से रुका हुआ सिग्नेचर ब्रिज बनवाने, एलिवेटेड रोड बनवाने, पहला सेंट्रल स्कूल खोलने सहित कई काम उत्तर-पूर्वी संसदीय क्षेत्र में मैंने किए हैं, जिन्हें देखकर क्षेत्रवासियों ने फिर से हमें अपना आशीर्वाद दिया है।

इस चुनाव में आप के तीसरे नंबर पर चले जाने का क्या कारण है?

यदि इस चुनाव में और भी कोई पार्टी होती तो आप उससे भी पीछे चली जाती। यह जरूरी भी है। जो लोगों की मौत पर सियासत करे, उसे कभी माफ नहीं किया जा सकता। सफाई कर्मचारी सीवर की सफाई करते हुए मर रहे हैं, लेकिन आप सरकार को उनकी फिक्र नहीं है। लोकसभा चुनाव परिणाम से स्पष्ट है कि अब आप का अंत नजदीक है।

दिल्ली के लोगों से आप क्या कहना चाहेंगे?

दिल्ली की जनता बेहद समझदार है। कांग्रेस के भ्रष्टाचार से त्रस्त दिल्ली के लोगों ने अन्ना आंदोलन से निकली आम आदमी पार्टी व उसके नेता अर¨वद केजरीवाल के झूठे वादों पर विश्वास किया था। अब उनकी हकीकत सामने आ गई है। लोकसभा चुनाव में वह तीसरे नंबर की पार्टी बनकर रह गई है। इस जीत का कर्ज दिल्लीवासियों की सेवा करके उतारूंगा। यह जो लोगों का प्यार है, यह और अधिक ऊर्जा से जनता के लिए काम करने की प्रेरणा देता है।

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Posted By: Monika Minal

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