कोलकाता, जागरण संवाददाता। विदेश राज्यमंत्री वी मुरलीधरन ने कहा कि पाकिस्तान फिर से कश्मीर मुद्दे के अंतरराष्ट्रीयकरण की कोशिश में है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस्लामाबाद की 'रणनीति' से निपटने में सक्षम है।

उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) ने पहले ही संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को रद्द करने पर चर्चा की है, जिसने जम्मू व कश्मीर को विशेष दर्जा दिया था। उसने एक बयान जारी किया कि यह 'आंतरिक' मामला है और यह भारत सरकार का प्रशासनिक निर्णय था।

यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली में पाकिस्तान जो भी रणनीति अपना सकता है उससे निपटने में भारत सक्षम है। यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली में पाकिस्तान के उग्र होने की संभावना के सवाल पर मंत्री ने ये बातें कहीं। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी 27 सितंबर को यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली को संबोधित करेंगे।

मुरलीधरन ने कहा कि यूएनएससी का विचार है कि कश्मीर पर दोनों देशों के बीच किसी भी विवाद को द्विपक्षीय रूप से हल किया जाना चाहिए। इसमें बहुपक्षीय मंच की कोई भूमिका नहीं है। मुरलीधरन ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि यूएनजीए इस मामले को और उलझा सकता है। मंत्री यहां भाजपा के 'राष्ट्रीय एकता अभियान' को संबोधित करने के लिए आए थे। आइसीसीआर में आयोजित इस कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा व छत्तीसगढ़ के पार्टी प्रतिनिधि शामिल थे। अभियान का उद्देश्य इन राज्यों में पार्टी संगठन को सक्रिय करना है। किसी भी विपक्षी दलों का नाम लिए बिना मुरलीधरन ने कहा कि उनमें से कुछ जम्मू और कश्मीर को विशेष दर्जा देने की अपनी टिप्पणी के साथ पाकिस्तान की मदद कर रहे थे। 

Posted By: Preeti jha

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