कोलकाता, राज्य ब्यूरो। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बीच बंगाल में लगातार तीसरी बार सत्ता की बागडोर संभालने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान पहली बार बोलते हुए केंद्र सरकार पर जमकर बरसीं। ममता ने कहा कि केंद्र ने पिछले छह महीने में कुछ काम नहीं किया। केंद्र के मंत्री बंगाल की सत्ता पर काबिज होने के इरादे से रोजाना बंगाल आए। इसके अलावा ममता ने एक बार फिर केंद्र से देशभर में मुफ्त टीकाकरण की मांग की। 

ममता ने कहा, "केंद्र सरकार के लिए 30 हजार करोड़ रुपये कुछ भी नहीं है। पूरे देश में एक वैक्सीन कार्यक्रम होना चाहिए। सभी का टीकाकरण केंद्र की प्राथमिकता होना चाहिए था, लेकिन वह नए संसद भवन, प्रधानमंत्री के आवास आदि पर 50,000 करोड़ रुपए खर्च कर रही है।"

ममता ने केंद्र पर भेदभाव का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा, "बंगाल के साथ इतना भेदभाव क्यों है? उन्होंने (केंद्र) मेरे शपथ ग्रहण के 24 घंटे के भीतर केंद्रीय टीम बंगाल भेज दी। दरअसल, वे (भाजपा) जनता के जनादेश को मानने के लिए तैयार नहीं हैं। मैं हिंसा का कभी समर्थन नहीं करती। वे फर्जी खबरें और फर्जी वीडियो फैला रहे हैं।"

चुनाव आयोग पर भी ममता ने जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा, "चुनाव आयोग को तत्काल सुधार की आवश्यकता है। बंगाल में एक रीढ़ है और यह कभी नहीं झुकती है। एक साजिश थी, सभी केंद्रीय मंत्री यहां उतारे गए। मुझे नहीं पता कि उन्होंने विमानों और होटलों पर कितने करोड़ रुपये खर्च किए।

यहां पानी की तरह पैसा बह रहा था। लेकिन, युवा पीढ़ी ने हमें वोट दिया है। यह हमारे लिए एक नई सुबह है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को जनादेश के साथ सत्ता में वापस चुना गया है। यह एक चमत्कार और ऐतिहासिक है। इसकी वजह बंगाल की जनता और महिलाएं हैं।"

 

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