अयोध्या, जेएनएन। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री तथा शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे अपनी सरकार के सौ दिन का कार्यकाल पूरा होने पर शनिवार को रामनगरी अयोध्‍या पहुंचे। इस दौरान उन्‍होंने मीडिया से बातचीत कर कहा कि महाराष्ट्र के श्रद्धालुओं के लिए भी अयोध्या में महाराष्ट्र सरकार भवन बनवाएगी। इसके लिए उन्‍होंने उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ से भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। साथ ही उन्‍होंने राम मंदिर के लिए अपनी ओर से एक करोड़ रुपये देने का एलान भी किया। शाम करीब चार बजे रामलला का दर्शन कर वह वापस रवाना हुए।  

सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि पिछले एक देढ़ साल में तीसरी बार यहां आ रहा हूं। मैं रामलला का आशीर्वाद लेने के लिए यहां आया हूं। आज मेरे साथ मेरे 'भगवा' परिवार के कई सदस्य मौजूद हैं। मैं बीजेपी से अलग हूं, हिंदुत्व से नहीं। बीजेपी का मतलब हिंदुत्व नहीं है। हिंदुत्व अलग और बीजेपी अलग है। उन्‍होंने कहा कि हमारे मराठी में एक कहावत है, 'फुल न फुलाची पाकळी'। मैं नम्रतापूर्वक कहना चाहता हूं कि सरकार की ओर से नहीं, हमारे ट्रस्ट की ओर से एक करोड़ रुपये की राशि मैं मंदिर निर्माण के लिए घोषित करता हूं। ठाकरे ने कहा कि मैं रामलला का आशीर्वाद लेने के लिए यहां आया हूं। आज मेरे साथ मेरे 'भगवा' परिवार के कई सदस्य मौजूद हैं। पिछले 1.5 वर्षों में यह मेरी तीसरी यात्रा है। मैं बीजेपी से अलग हूं, हिंदुत्व से नहीं। बीजेपी का मतलब हिंदुत्व नहीं है। हिंदुत्व अलग और बीजेपी अलग है। 

ठाकरे ने कहा कि राम मंदिर के लिए कानून तो नहीं बना, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर के पक्ष में फैसला किया। जब मैं 2018-2019 में आया था तब छत्रपति शिवाजी की भूमि की मिट्टी लेकर आया था। उसके बाद मैं मुख्यमंत्री बन गया, जो बात मैंने सपने में नहीं सोची थी। इच्छा थी कि सरयू आरती करूं, लेकिन कोरोना वायरस के चलते सरयू आरती नहीं कर पा रहा हूं। मैंने अपनी जनता से आह्वान किया है कि कहीं भी भीड़ इकट्ठा ना करें। जिस ट्रस्ट का निर्माण हुआ है उसका बैंक खाता भी खुल गया है। हमें वह दिन याद आता है जब मेरे पिता बाला साहब ने मंदिर आंदोलन का नेतृत्व किया था। 

  

पत्‍नी और बेटे के साथ करेंगे रामलला के दर्शन 

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री तथा शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे अपनी पत्नी तथा सामना की संपादक रश्मि ठाकरे और बेटे आदित्य ठाकरे के साथ रामलला के दर्शन करेंगे। वह लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पर विशेष विमान से उतरने के बाद करीब 1:15 बजे सड़क मार्ग से रामनगरी अयोध्या पहुंचे। वह बाईपास स्थित पंचशील होटल में रुके। दो घंटा आराम करने के बाद रामलला का दर्शन करेंगे। उद्धव ठाकरे सरकार के मंत्री व 40 विधायक, 20 सांसद भी रामलला का दर्शन करेंगे। उनका दर्शन का समय सायं 4:30 बजे प्रस्तावित है। उद्धव ठाकरे के शनिवार को आगमन से उनका और उनकी पार्टी का रामनगरी से सरोकार परिभाषित होगा। रामनगरी से शिवसेना का रिश्ता 1992 से ढांचा ध्वंस के साथ सुर्खियों में था।

 

इस दौरान उनके साथ पार्टी के करीब 20 सांसद, महाराष्ट्र में शिवसेना कोटे के मंत्री एवं विधायक तथा बड़ी संख्या में पार्टी समर्थक भी रामलला का दर्शन करेंगे। शिवसैनिकों को लेकर विशेष ट्रेन भी शुक्रवार को देर शाम फैजाबाद रेलवे स्टेशन पहुंची। सीएम उद्धव ठाकरे अयोध्या दौरे में सरयू आरती नहीं करेंगे। उद्धव ठाकरे के अयोध्या पहुंचने से पहले शिवसेना की गतिविधियां तेज हो गई हैं।

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार एवं बीते 15 महीने में तीसरी बार अयोध्या में रामलला का दर्शन करेंगे। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे पहली बार 24 नवंबर 2018 को तथा दूसरी बार 16 जून 2019 को रामनगरी आए थे।  

हिंदू महासभा के जिला अध्यक्ष समेत कई नजरबंद 

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का विरोध करने वाले संत महंत व हिंदू महासभा के जिला अध्यक्ष राकेश धर मिश्रा को उनके आवास पर ही नजरबंद किया गया है। आवास के बाहर पुलिस तैनात है। वहीं, हिंदू महासभा के ही महंत परशुराम दास भी नजरबंद किए गए हैं। उधर, तपस्वी छावनी के संत परमहंस को उनके आश्रम में नजरबंद किया गया है। इसके साथ ही हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास को भी नजरबंद किया गया है। यह सभी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के अयोध्या दौरे के दौरान विरोध कर रहे थे। इन्‍होंने काला झंडा दिखाने का ऐलान भी किया था।

Edited By: Dharmendra Pandey