लखनऊ, जेएनएन। Police Commissioner System: पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने के लिए लखनऊ और नोएडा को मेट्रोपोलिटन शहर बनाए जाने के साथ ही जिन मायनों में इन शहरों की हैसियत बदली है, उसमें राज्य कर्मचारियों के भत्ते भी शामिल हैं। इन दोनों शहरों में कार्यरत कर्मचारियों को अभी 'वाई' श्रेणी के भत्ते मिल रहे थे, जबकि अब कर्मचारी 'एक्स' श्रेणी के भत्तों के हकदार हो गए हैं। इससे लखनऊ व नोएडा में किराये के मकान के लिए भत्ते में सीधे 10 फीसद का इजाफा होगा, जबकि शहरों की श्रेणी के मुताबिक मिलने वाला नगर प्रतिकर भत्ता भी 33 से 66 फीसद तक बढ़ जाएगा।

उत्तर प्रदेश के दोनों मेट्रोपोलिटन शहरों लखनऊ व नोएडा में कार्यरत राज्य सरकार के कार्मिकों के वेतन में एक हजार रुपये तक की बढ़ोतरी होगी। यह वृद्धि मकान किराया भत्ते (एचआरए) व नगर प्रतिकर भत्ते (सीसीए) बढ़ने से आएगी। नोएडा व लखनऊ में कार्मिकों यह दोनों भत्ते मेट्रो शहरों वाली एक्स श्रेणी की दर से दिए जाएंगे। अब तक प्रदेश में इस दर्जे का कोई शहर न होने के कारण एक्स भत्ते कहीं भी नहीं दिए जा रहे थे।

लखनऊ व नोएडा को मेट्रोपोलिटन शहर बनाए जाने के बाद केंद्र सरकार के शासनादेश के तहत इसी दर्जे के मुताबिक बढ़ी दर से मकान किराया भत्ता (एचआरए) व नगर प्रतिकर भत्ता (सीसीए) दिए जाने के लिए राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद अब मुख्य सचिव आरके तिवारी के सामने पूरा मामला रखने जा रहा है। परिषद अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी व महामंत्री शिवबरन सिंह यादव ने इन दोनों शहरों में सभी राजकीय विभागों के कार्मिकों के साथ शिक्षकों, स्थानीय निकाय व नगर निगम सहित अन्य विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों को एक्स श्रेणी के अनुसार दोनों भत्ते जल्द अनुमन्य करने की मांग की है।

एक हजार रुपये तक बढ़ेगा वेतन

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने 12 अगस्त 2016 को जारी एचआरए और 10 अक्टूबर 2018 को जारी सीसीए में संशोधन की जरूरत बताई है। इस बदलाव से चतुर्थ श्रेणी कर्मियों का वेतन प्रतिमाह 380, तृतीय श्रेणी का करीब 590 और द्वितीय व ऊपर की अन्य श्रेणी के अधिकारियों का वेतन लगभग एक हजार रुपये बढ़ जाएगा। परिषद पदाधिकारियों ने बताया कि छठे वेतनमान में मकान किराया भत्ता पांच श्रेणियों में दिया जाता था, जबकि सातवें वेतनमान में इसकी केवल तीन श्रेणियां निर्धारित की गई हैं।

छठे वेतनमान में यह थे भत्ते

छठे वेतनमान में 50 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों को ए-1 श्रेणी में रखते हुए 30 फीसद एचआरए तय था, जबकि 20 से 50 लाख आबादी वाले ए श्रेणी, 10 से 20 लाख आबादी वाले बी-1 श्रेणी और पांच से 10 लाख आबादी वाले बी-2 श्रेणी के शहरों में यह 15 फीसद था। 50 हजार से पांच लाख तक आबादी वाले सी श्रेणी के शहरों में एचआरए 7.5 फीसद और 50 हजार से कम आबादी वाले अवर्गीकृत श्रेणी के शहरों में पांच फीसद दिया जा रहा था।

अब 30 फीसद मिलेगा एचआरए

सातवें वेतनमान में 50 लाख से अधिक आबादी वाले एक्स श्रेणी के शहरों में एचआरए 30 प्रतिशत अनुमन्य किया गया है। यह भत्ता मूल वेतन व महंगाई भत्ते की कुल रकम के प्रतिशत आधार पर दिया जाएगा। लखनऊ व नोएडा में कार्मिकों को अब इसी दर से एचआरए मिलेगा। अब तक यह शहर पांच से 50 लाख तक की आबादी के बीच वाई श्रेणी में थे, जिसके तहत 20 फीसद एचआरए मिल रहा था। इससे कम आबादी वाले जेड श्रेणी के शहरों में कर्मचारियों को 10 फीसद एचआरए दिया जा रहा है। इसी तरह सीसीए भी मेट्रोपोलिटन शहरों के मुताबिक मिलेगा। यह भत्ता वेतन के स्लैब के मुताबिक मिलता है। अब तक प्रदेश में एक्स श्रेणी का कोई शहर न होने के कारण यह भत्ता केवल वाई और जेड श्रेणी में दिया जा रहा था।

एचआरए में यह आएगा फर्क

  • श्रेणी-पहले-अब
  • द्वितीय-5520 से 6300-6072 से 6930
  • तृतीय-2940 से 4040-3234 से 4444
  • चतुर्थ-2200 से 2400-2420 से 2640

सीसीए में बदलेगी स्लैब

  • श्रेणी-पहले-अब
  • द्वितीय-720 से 900-1200
  • तृतीय-480-720
  • चतुर्थ-340-480

 

Posted By: Umesh Tiwari

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