चंडीगढ़, जेएनएन। आम आदमी पार्टी के विधायक रहे एचएस फूलका ने अपना पद्मश्री वापस करने की बात कह कर पंजाब की सियासत को गर्मा दिया है। कैप्‍टन अमरिंदर सिंह सरकार के कुछ कैबिनेट मंत्रियों के हमले के बाद फूलका ने कांग्रेस को बड़ी चुनौती दी है। फूलका ने कहा कि वह अपना पद्मश्री लौटा देंगे बशर्ते पंजाब की कांग्रेस सरकार पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैणी को जेल में डाले।

कहा- पंजाब सरकार पूर्व सीएम बादल व पूर्व डीजीपी सैणी को जेल भेजे मैं पद्मश्री लौटा दूंगा

फूलका ने यहां कहा कि राज्य में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करवाने और रोष प्रदर्शन कर रहे लोगों पर गोलियां चलवाने के लिए ये लोग जिम्मेवार हैं। बता दें फूलका ने इसी मुद्दे को लेकर पंजाब विधानसभा की सदस्‍यता (विधायक पद) से इस्तीफा दे दिया था। इसे विधानसभा अध्‍यक्ष द्वारा कई महीने बाद स्‍वीकार किया। इसके बाद कैप्टन सरकार के चार मंत्रियों ने फूलका के इस्‍तीफे को राजनीतिक स्टंट करार दिया।

पंजाब के सहकारिता मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, ग्रामीण विकास मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा बयान देने वाले मंत्रियों में शामिल थे। इन मंत्रियों ने रविवार को कहा कि य‍दि फूलका को बेअदबी मामले पर इतना ही दुख और आक्रोश है तो उन्‍होंने पद्मश्री क्‍यों नहीं लौटाया।

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इसके बाद साेमवार काे मंत्रियों की पदमश्री लौटाने की मांग पर हैरानी जताते हुए फूलका ने कहा, ' यह पद्मश्री मुझे 1984 के केसों की पैरवी करने के लिए और सज्जन कुमार जैसे कांग्रेस नेताओं को जेल तक पहुंचाने के लिए दिया गया है। यह अवार्ड नहीं है, इस मुद्दे की मान्यता है। यही बात कांग्रेस को अखरती है। कांग्रेसी भलि भांति इस बात से परिचित है कि सज्‍जन कुमार को जेल होने के बाद अगला नंबर जगदीश टाइटलर और कमलनाथ का है जो सिख दंगों में बराबर के आरोपी हैं। इसलिए कांग्रेस कहीं न कहीं घबराई हुई है कि कोई ना कोई ऐसा काम करो कि 1984 वाले केस पर विपरीत असर पड़े।'

फूलका ने कहा, 'यदि बेअदबी वाले केसों के मुख्य दोषी पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल और पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैणी को पंजाब सरकार जेल भेज की यही शर्त है तो मैं पद्मश्री अवार्ड वापस करने को तैयार हूं। पंजाब सरकार बादल और सैणी को जिस दिन जेल भेजेगी, मैं अपना पद्मश्री वापस कर दूंगा। मैं अपना पद्मश्री मुख्यमंत्री पंजाब को सौंपने के लिए भी तैयार हूं।'

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फूलका ने आगे कहा, मेरी इन चारों मंत्रियों के साथ कोई निजी दुश्मनी नहीं है बल्कि यह मेरे अच्छे दोस्त हैं। सुखजिंदर सिंह रंधावा ने एसजीपीसी के चुनाव का प्रस्ताव विधानसभा में पारित करवाने के लिए मेरी बहुत मदद की थी। उन्होंने कहा कि बेअदबी के मुद्दे पर इन मंत्रियों ने जो जो बातें विधानसभा में बोली हैं,  मैं तो वही कार्रवाई सरकार से करवाने की कोशिश कर रहा हूं।

फूलका कहा कि जब चार मंत्री एक साथ बयान देते हैं तो यह सरकार का बयान और सरकार का स्टैंड होता है। यह मंत्री यह कहें कि उनका बेअबदी के लिए बादल और सैनी जिम्मेवार बताने व इन्हें जेल भेजने के बयान झूठे थे या बादल और सैनी निर्दोष हैं। उन्होंने कहा कि बादल और सैणी यदि जिम्मेवार हैं तो ये मंत्री मेरा विरोध करने की बजाए मेरे साथ मिलकर सरकार पर दबाव बनाएं।

उन्होंने कहा कि बादल और सैणी को जेल भेजने में सीबीआइ की क्लोजर रिपोर्ट किसी तरह की कोई अड़चन नहीं पैदा करती। यह तो सरकार की मिलीभगत है कि अब तक वे बचे हुए हैं, अन्यथा जस्टिस रंजीत सिंह की रिपोर्ट में बड़े-बड़े खुलासे हुए हैं। आयोग की रिपोर्ट में साफ लिखा गया है कि उस समय के मुख्यमंत्री और डीजीपी की सीधी बातचीत चल रही थी। उन्होंने कहा कि जिस तरह पुलिस ने दो युवाओं को मार दिया था वह सीधा-सीधा कत्ल का केस बनता है।

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Posted By: Sunil Kumar Jha