जम्मू, राज्य ब्यूरो। जम्मू कश्मीर में राज्यपाल के सलाहकार रहे के. विजय कुमार को अमित शाह के नेतृत्व वाले केंद्रीय गृह मंत्रालय का वरिष्ठ सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया गया है। वर्ष 1975 के बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आइपीएस) अधिकारी कुमार केंद्र शासित जम्मू कश्मीर और आतंकवाद से प्रभावित राज्यों के सुरक्षा संबंधी मामलों पर गृह मंत्रालय को सलाह देंगे।

कुमार जम्मू कश्मीर में सलाहकार बनाने से पहले भी केंद्रीय गृह मंत्रालय के वरिष्ठ सुरक्षा सलाहकार थे। ऐसे में वह जम्मू कश्मीर में अपना मिशन पूरा करने के बाद फिर से पुरानी भूमिका में आ गए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से तीन दिसंबर को जारी नियुक्ति आदेश में कहा गया है कि कुमार अपने पदभार ग्रहण करने की तारीख से एक वर्ष की अवधि के लिए पद पर रहेंगे।

67 वर्षीय कुमार की जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद स्थिति को नियंत्रण में रखने में अहम भूमिका रही है। इसके अलावा आतंकवाद से निपटने से लेकर अलगाववादियों पर लगाम लगाने में भी उनकी रणनीति काम आई। अब केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद भी जम्मू कश्मीर में चुनौतियां कम नहीं हुई हैं। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि के. विजय कुमार की सीधी नजर जम्मू कश्मीर पर रहेगी।

आतंकवाद के खिलाफ अभियान को दी तेजी :

सेवानिवृत आइपीएस अधिकारी ने जून 2018 में तत्कालीन राज्यपाल सत्यापाल मलिक के सलाहकार के रूप में पुलिस को चाक चौबंध कर ऐसे हालात बनाए, जिससे श्री अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा के साथ कश्मीर में अलगाववादियों को काबू करना व अनुच्छेद 370 हटाने के बाद स्थिति को पूरी तरह से नियंत्रण में रखना संभव हुआ। नक्सलवाद से निपटने का उनका अनुभव जम्मू कश्मीर में आतंकवाद व अलगाववाद की समस्या से निपटने में भी कारगर साबित हुआ। उन्होंने जम्मू कश्मीर में देशविरोधी तत्वों को कमजोर कर दिया और आतंकवाद के खिलाफ अभियान को तेजी दी।

कई अहम जिम्मेदारी निभा चुके हैं कुमार :

के. विजय कुमार कश्मीर में आतंकवाद से निपटने में खासी महारत रखते हैं। वह सीमा सुरक्षा बल के आइजी के रूप में कश्मीर में वर्ष 1998 व 2001 में तैनात रहे हैं। इसके साथ वह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के महानिदेशक भी रहे। उनके कार्यकाल के दौरान ही पुलिस ने चंदन तस्कर वीरप्पन को मार गिराया था। वहीं जम्मू कश्मीर में सलाहकार के रूप में उन्होंने जेके पुलिस, सीमा सुरक्षा बल व केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में बेहतर समन्वय बनाकर देश के दुश्मनों पर सटीक प्रहार करने की रणनीति को कामयाब बनाया।

कुमार के सामने ये रहेंगी चुनौतियां :

जम्मू कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। वह सीमा पर गोलाबारी करने के साथ आतंकवाद को फिर बढ़ाने पर लगा है। आतंकवाद पर पूरी तरह नकेल बड़ी जिम्मेदारी होगी।

जम्मू कश्मीर में इंटरनेट सेवा बंद है। इसे शुरू करने से पहले हालात की सुरक्षा संबंधी समीक्षा। इंटरनेट शुरू होने के बाद भी हालात पर नजर।

कश्मीर के युवाओं में अलगाव की सोच को दूर कर मुख्यधारा में जोडऩे में कुमार का अनुभव काम आएगा।

पर्यटकों के साथ धार्मिक यात्राओं की सुरक्षा व उसे सुचारु चलाना भी बड़ी जिम्मेदारी होगी। 

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