बेंगलुरु, एएनआइ। कर्नाटक की जयनगर विधानसभा सीट कांग्रेस पार्टी ने जीत ली है। इस जीत के साथ ही कांग्रेस के विधायकों की संख्‍या 80 हो गई है। यहां से कांग्रेस की उम्‍मीदवार सौम्या रेड्डी ने भाजपा के बीएन प्रहलाद को हराया है। इस सीट पर 11 जून को मतदान हुआ था। चुनाव आयोग के मुताबिक, जयनगर सीट पर 55 फीसद मतदान दर्ज किया गया था। बता दें कि इस सीट से चुनाव लड़ रहे भारतीय जनता पार्टी के नेता और मौजूदा विधायक बीएन विजय कुमार का चुनाव प्रचार के दौरान दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। इसलिए चुनाव आयोग ने मतदान स्थगित कर दिया था।

कांग्रेस पार्टी ने मतगणना के दौरान शुरुआत से बढ़त बना रखी थी। सौम्‍या रेड्डी पहले राउंड की मतगणना के बाद भाजपा के बीएन प्रहलाद से 427 वोटों से आगे चल रही थी। चौथे राउंड में यह बढ़त 5348 वोटों तक पहुंच गई। इसके बाद आठवें राउंड तक बढ़त दस हजार वोटों के पार पहुंच गई और लगभग सौम्‍य की जीत तय लगने लगी। ऐसे में कांग्रेस कार्यकर्ता काउंटिंग सेंटर के बारह पोस्‍ट और झंडे लेकर जश्‍न मानने पहुंच गए।

भाजपा और कांग्रेस में बीच इस सीट पर कड़ी टक्कर देखने को मिली। कांग्रेस ने सिद्धरमैया सरकार में गृह मंत्री रहे रामालिंगा रेड्डी की बेटी सौम्या रेड्डी को उतारा। यहां भी विपक्षी एकता देखने को मिली और सौम्या के पक्ष में जेडीएस ने इस सीट पर अपना उम्‍मीदवार नहीं उतारा। उधर भाजपा ने बीएन प्रहलाद को मैदान में उतारा था। वे दिवंगत भाजपा विधायक बीएन विजय कुमार के भाई हैं।

बता दें कि कर्नाटक में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले चार मई को भाजपा विधायक बीएन विजयकुमार की चुनाव प्रचार के दौरान दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी। वह तीन मई को अपने समर्थकों के साथ चुनाव प्रचार के लिए निकले थे, लेकिन प्रचार के दौरान देर शाम विजयकुमार (59) अचानक गिर पड़े, जिसके बाद आनन-फानन में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। जयदेव इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी में कुछ घंटों तक डॉक्टरों ने उनका इलाज किया, लेकिन उन्हें नहीं बचाया जा सका। चार मई को सुबह करीब एक बजे भाजपा विधायक की मौत हो गई। जयनगर विधानसभा सीट पर विजयकुमार दो बार विधायक रहे चुके थे, इस बार भी भाजपा ने उनपर भरोसा जताया और उन्हें मैदान में उतारा। हालांकि जिंदगी ने उनका साथ नहीं दिया और उनकी चुनाव से पहले ही मौत हो गई।

गौरतलब है कि 12 मई के विधानसभा चुनाव के त्रिशंकु नतीजे आने के बाद जेडीएस और कांग्रेस ने गठबंधन कर लिया। हालांकि सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते राज्यपाल से मिले न्योते के बाद भाजपा ने सरकार बनाई और बीएस येद्दयुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। हालांकि विश्वास मत से पहले ही 19 मई को उन्होंने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद 23 मई को जेडीएस के कुमारस्वामी ने कर्नाटक के सीएम पद की शपथ ली।

By Tilak Raj