लखनऊ, जेएनएन। समाजवादी पार्टी (SP) शासनकाल में हुए जल निगम भर्ती घोटाले में विशेष जांच दल (SIT) को हैदराबाद स्थित सेंट्रल फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) की बहुप्रतीक्षित रिपोर्ट मिल गई है। रिपोर्ट के आधार पर रिजल्ट के डाटा का विश्लेषण शुरू हो गया है। नियमों को दरकिनार कर भर्ती किए जाने के तथ्य पहले ही सामने आ चुके हैं। रिजल्ट में गड़बड़ी के वैज्ञानिक साक्ष्य तलाशे जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि एसआइटी जल्द आरोपित पूर्व मंत्री आजम खां समेत अन्य के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर सकती है। 

जल निगम में सपा शासनकाल में 1300 पदों पर हुई भर्तियों में अनियमितता के आरोप लगे थे। शासन ने मामले की जांच एसआइटी को सौंपी थी। शुरुआती पड़ताल में नियमों को दरकिनार कर भर्ती किए जाने की बात सामने आई थी। शासन के आदेश पर एसआइटी ने अप्रैल, 2018 में एसआइटी ने पूर्व मंत्री आजम खां के अलावा जल निगम के तत्कालीन एमडी पीके आसूदानी, नगर विकास विभाग के पूर्व सचिव एसपी सिंह (अब सेवानिवृत्त), पूर्व मंत्री आजम के तत्कालीन ओएसडी सैयद आफाक अहमद व तत्कालीन चीफ इंजीनियर अनिल कुमार खरे व अन्य के खिलाफ गबन, धोखाधड़ी, षड्यंत्र, साक्ष्य छिपाने व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआइआर दर्ज की थी।

जांच में सामने आया था कि आरोपित एसपी सिंह के नगर विकास विभाग के सचिव पद पर तैनात रहने के दौरान ही जल निगम में नियमों को दरकिनार कर भर्तियां की गई थीं। तब आजम खां नगर विकास मंत्री व जलनिगम के अध्यक्ष थे।  अभ्यर्थियों ने पत्रावलियों के गलत मूल्यांकन सहित अनियमितता के कई गंभीर आरोप लगाए थे। जिस पर परीक्षा संचालित कराने वाली संस्था के अधिकारियों से भी पूछताछ की गई थी और एसआइटी ने रिजल्ट की सीडी व कुछ अन्य डाटा को कब्जे में लेकर उसे जांच के लिए फोरेंसिक साइंस लैब भेजा था। कई बिंदुओं पर जांच रिपोर्ट मांगी गई थी। एफएसएल रिपोर्ट हासिल करने के लिए एसआइटी को लंबा इंतजार भी करना पड़ा।

Posted By: Umesh Tiwari

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