लखनऊ, जेएनएन। प्रदेश सरकार ने आइबी की रिपोर्ट पर शासन ने मंत्री सुरेश राणा को जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा देने के साथ ही अयोध्या मामले में पक्षकार रहे सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष जुफर फारुकी व शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी को वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा देने का निर्णय लिया गया है। इसी सभी के बारे आइबी को इनपुट मिला है।

मुजफ्फरनगर दंगे से सुर्खियों में आए मंत्री सुरेश राणा को केंद्र सरकार से जेड श्रेणी की सुरक्षा हासिल थी, लेकिन बीते दिनों केंद्र ने उनसे यह सुरक्षा वापस ले ली थी। राज्य सरकार ने मंत्री सुरेश राणा को वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्रदान कर रखी थी। आइबी ने बीते दिनों श्रेणीवार सुरक्षा की सूची में शामिल माननीयों के जीवन भय को लेकर अपनी रिपोर्ट शासन को दी थी। जिसके बाद शासन स्तर पर सुरक्षा मुख्यालय के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में श्रेणीवार सुरक्षा का रिव्यू किया गया। बैठक में संबंधित व्यक्तियों की सुरक्षा बढ़ाने का निर्णय लिया गया। 

शासन ने अल्पसंख्यक कल्याण व मुस्लिम वक्फ तथा नागरिक उड्डयन मंत्री नंद गोपाल नंदी व विधायक संगीत सोम को जेड श्रेणी और पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय व नरेश अग्रवाल को भी वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। अयोध्या प्रकरण में मध्यस्थता करने वाले श्रीश्री रविशंकर, श्रीराम पंचू व जस्टिस कलीफुल्ला को बीते दिनों प्रदान की गई विशेष सुरक्षा को वापस लेने का निर्णय भी लिया गया। कुछ अन्य लोगों को भी अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करने के निर्देश भी दिए गए हैं। अक्टूबर में शासन ने रायबरेली की कांग्रेस विधायक अदिति सिंह की सुरक्षा बढ़ाई थी। अदिति सिंह को वाई-प्लस श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है। 

जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह, कल्याण सिंह, राजनाथ सिंह, मायावती, अखिलेश यादव, वरिष्ठ भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी, विनय कटियार समेत 12 माननीयों को हासिल है। 

Posted By: Umesh Tiwari

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