लखनऊ, जेएनएन। गौतमबुद्धनगर (नोएडा) एसएसपी प्रकरण में विशेष जांच दल (एसआइटी) की पड़ताल में पिछले सप्ताह तेजी आई है। निलंबित आइपीएस अधिकारी वैभव कृष्ण के बाद आरोपों से घिरे पांच आइपीएस अधिकारियों से भी पूछताछ कर उनके बयान दर्ज कर लिए गए हैं। सूत्रों का कहना है कि गोपनीय पत्र के साथ दी गई वाट्सएप चैट के आधार पर भ्रष्टाचार की परतें खंगाली जा रही हैं। एसआइटी जल्द अपनी जांच रिपोर्ट शासन को सौंपने की तैयारी में है।

एसआइटी ने आइपीएस अधिकारी डॉ.अजय पाल शर्मा के बयान दर्ज करने के बाद कुछ पुलिसकर्मियों को भी पूछताछ के लिए तलब किया है। बता दें कि गौतमबुद्धनगर के तत्कालीन एसएसपी वैभव कृष्ण के गोपनीय पत्र में पांच आइपीएस अधिकारियों समेत अन्य पर भ्रष्टाचार के संगीन आरोपों की जांच के लिए शासन ने नौ जनवरी को डीजी विजिलेंस हितेश चंद्र अवस्थी (वर्तमान में कार्यवाहक डीजीपी) की अध्यक्षता में एसआइटी गठित कर 15 दिनों में रिपोर्ट मांगी थी।

एसआइटी भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे आइपीएस अधिकारी सुधीर कुमार सिंह, हिमांशु कुमार, गणेश प्रसाद साहा, राजीव नारायण मिश्रा व डॉ.अजय पाल शर्मा के बयान दर्ज कर चुकी है। सूत्रों का कहना है कि आइपीएस अधिकारियों ने उन पर लगे आरोपों को बेबुनियाद होने का दावा किया। एसआइटी ने उनसे कई बिंदुओं पर पूछताछ की। एसआइटी की जांच के दायरे में मुख्य सचिव के मीडिया कार्यालय के निदेशक दिवाकर खरे, पीसीएस अधिकारी गुलशन कुमार व पीसीएस अधिकारी रजनीश व कुछ निजी व्यक्ति भी हैं।

यह है पूरा मामला

बता दें नोएडा के एसएसपी रहे वैभव कृष्ण के तीन कथित अश्लील वीडियो वायरल हुए थे। वैभव कृष्ण ने इन वीडियो को अपने खिलाफ साजिश बताते हुए गौतमबुद्ध नगर सेक्टर 20 थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी।इसके बाद वैभव कृष्ण की ओर से शासन को लिखा गया पत्र भी वायरल हो गया, जिसमें पांच आईपीएस अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठा गए थे। वैभव कृष्ण ने पांच आईपीएस अफसरों पर ट्रांसफर-पोस्टिंग समेत तमाम संगीन आरोप लगाए थे, जिससे यूपी की आईपीएस लॉबी में हड़कंप मचा गया। वायरल वीडियो की जांच रिपोर्ट आने के बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। वीडियो की जांच गुजरात की फोरेंसिक लैब ने की थी। 

 

Posted By: Umesh Tiwari

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