लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ हुई हिंसा में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) का नाम सामने आने के बाद यूपी पुलिस ने इस संगठन के खिलाफ कार्रवाई और तेज कर दी है। रविवार को पुलिस ने मुजफ्फरनगर, मेरठ, बहराइच, हापुड़ और शामली से 10 और पीएफआई के सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले यूपी पुलिस विभिन्न जिलों से करीब 30 पीएफआई के सदस्यों की गिरफ्तारी कर चुकी है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच रिपोर्ट में पीएफआई द्वारा भीड़ को भड़काने और हिंसा फैलाने के लिए उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी मोटी रकम जुटाने का मामला प्रकाश में आया था। इस रकम को पीएफआई के देश भर में खुले कुल 73 बैंक खाते में 120 करोड़ रुपये की धनराशि जमा किया जाना बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक ईडी की जांच में सामने आया था कि हिंसा फैलाने में पीएफआई का भी हाथ है। 

पुलिस ने रविवार रात पीएफआई के दो सदस्यों खिवाई कस्बे से मुस्तकीम व लिसाड़ी गेट पुलिस ने मेरठ शहर से महताब को गिरफ्तार किया है। एसओ सरूरपुर सतीश कुमार ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली थी की खिवाई कस्बे में पीएफआइ का सक्रिय सदस्य लोगों को सोशल साइट पर भड़का रहा है। पुलिस ने कस्बे से एक मकान से उसे दबोच लिया।

मुजफ्फरनगर में चार पदाधिकारी गिरफ्तार

मुजफ्फरनगर में हुई हिंसा में पुलिस ने पीएफआई के चार पदाधिकारियों को गिरफ्तार किया है। चारों पर उपद्रव प्रायोजित करने व इसके लिए धन मुहैया कराने का आरोप है। 20 दिसंबर को सीएए के विरोध में शहर के कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन के दौरान जमकर उपद्रव हुआ था। इस दौरान आर्य समाज रोड पर दो युवकों को गोली लग गई थी। इसमें नूर मोहम्मद उर्फ नूरा की जिला अस्पताल में मौत हो गई थी। इस मामले में 50 मुकदमे विभिन्न थानों में दर्ज हुए थे। पुलिस ने सभी मुकदमों में 259 लोगों को नामजद व छह हजार से अधिक अज्ञात उपद्रवियों को दर्शाया था। शहर कोतवाली पुलिस ने हिंसा भड़काने के आरोप में पीएफआई के चार पदाधिकारियों को गिरफ्तार किया है। फरमान, नफीस निवासीगण जसोई थाना तितावी व मुरसलीन निवासी हुसैनाबाद भनवाड़ा और मोहम्मद इकबाल निवासी नंगला रियावली थाना रतनपुरी की संलिप्तता उजागर हुई, जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन पुलिस सोमवार को पत्रकार वार्ता में इसकी जानकारी देगी।

बहराइच में दो सदस्यों को पुलिस ने पकड़ा

बहराइच में सीएए को लेकर 20 दिसंबर, 2019 को सुनियोजित पथराव व तोड़फोड़ मामले में नामजद नौ और उपद्रवियों को रविवार को पुलिस ने पकड़ लिया। इनमें दो के पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआइ) से जुड़े होने के सबूत मिले हैं। आरोपितों से पुलिस की विशेष टीम पूछताछ में जुटी हुई है। प्रभारी एसपी रवींद्र सिंह ने बताया कि शहर में तोड़फोड़ के आरोप में मुहम्मद आमीन, सद्दाम हुसैन उर्फ गोलू, रियाज, शकील पहलवान, मुहम्मद अख्तर अली व वलीउर्रहमान को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा श्रावस्ती के रिजवान, मेवातीपुरा के मुहम्मद शुएब, चित्रशाला टाकीज के पास रहने वाले अदनान को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

पीएफआइ से जुड़े हैं रिजवान व वलीउर्रहमान

बहराइच में पकड़ा गया रिजवान व वलीउर्रहमान मौलवी बनकर शहर के एक मदरसे में काफी दिनों से रह रहे हैं। अब तक की जांच में दोनों के संबंध उपद्रव फैलाने में वित्तीय सहायता देने वाली पीएफआइ से जुड़ा पाया गया है। इन दोनों से पूछताछ की जा रही है, जिससे यह पता चल सके कि इनके पीछे और कौन-कौन लोग हैं जो फंडिंग कर रहे हैं।

2012 से पीएफआई का सक्रिय सदस्य है आरोपित

हापुड़ में सीएए के विरोध में 20 दिसंबर को हजारों की संख्या में सड़कों पर उतरे उपद्रवियों ने जमकर बवाल मचाया था। रविवार को पुलिस ने उपद्रव में शामिल व पीएफआइ के सक्रिय सदस्य थाना गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र के गांव अठसैनी निवासी नदीम को बुलंदशहर रोड स्थित पुरानी चुंगी से गिरफ्तार करने का दावा किया है। अपर पुलिस अधीक्षक सर्वेश कुमार मिश्रा ने बताया कि आरोपित के उपद्रव में शामिल होने के साक्ष्य मिले हैं। वर्ष 2012 से आरोपित पीएफआइ का सक्रिय सदस्य है। इस संगठन के कुछ अन्य सदस्यों के नाम प्रकाश में आए हैं। जिनकी तलाश के लिए पुलिस टीमों का गठन किया है। गिरफ्तार आरोपित के बैंक खातों की जांच कराई जा रही है।

 

शामली में भी पीएफआइ सदस्य गिरफ्तार

शामली में डेढ़ माह पूर्व सीएए का विरोध करने के लिए लोगों को भड़काने के आरोपित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के सदस्य को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में 20 दिसंबर को जुमे की नमाज के बाद सैकड़ों युवकों की भीड़ ने ईदगाह के मैदान में एकत्र होकर नारेबाजी की थी। मामले में पुलिस की ओर से तीन नामजद व 700 अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें एक नामजद आरोपित को पुलिस ने जेल भेज दिया था। पुलिस की जांच के दौरान भीड़ को उकसाने में पीएफआइ के सदस्य मोहम्मद अली निवासी गांव मोहम्मदपुर राई का नाम प्रकाश में आया था। इसे रविवार को आर्यपुरी तिराहे से गिरफ्तार कर चालान कर दिया गया।

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