जम्मू, राज्य ब्यूरो। Article 370. केंद्रीय मंत्रियों के जम्मू-कश्मीर के शुरू हो रहे दौरे से पूर्व गुरुवार को प्रशासन ने पांच और नेताओं को रिहा कर दिया है। यह नेता पांच अगस्त को हिरासत में लिए गए थे। इसके साथ ही उपजेल एमएलए हॉस्टल में अभी हिरासत में रखे नेताओं की संख्या लगभग 21 है। फिलहाल, तीनों पूर्व मुख्यमंत्रियों डॉ. फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती के अलावा पीपुल्स कांफ्रेंस के चेयरमैन सज्जाद गनी लोन और जम्मू कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट के शाह फैसल फिलहाल बंद ही रहेंगे।

गौरतलब है कि 18 से 25 जनवरी तक जम्मू-कश्मीर में 36 केंद्रीय नेता अलग-अलग जिलों व शहरों का दौरा करेंगे। गुरुवार दोपहर को रिहा किए गए नेताओं में पहलगाम से नेशनल कांफ्रेंस के पूर्व विधायक अल्ताफ अहमद कालू, नेशनल कांफ्रेंस की युवा इकाई के प्रदेश प्रधान, श्रीनगर नगर निगम के पूर्व मेयर सलमान सागर, शौकत गनई, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के पूर्व विधायक निजामदीन बट और मुख्तार बाबा शामिल हैं।

पांच अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम का फैसला लेने से पहले प्रशासन ने नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी, पीपुल्स कांफ्रेंस, माकपा, पीडीएफ, एनडीपी, जेकेपीएम और कांग्रेस समेत विभिन्न राजनीतिक दलों नेताओं को एहितयातन हिरासत में ले लिया था। इनमें तीनों पूर्व मुख्यमंत्री भी शामिल हैं। डॉ. फारूक अब्दुल्ला को गुपकार मार्ग पर स्थित उनके घर में, उमर अब्दुल्ला को हरि निवास में और महबूबा मुफ्ती को ट्रांसपोर्ट लेन में स्थित सरकारी गेस्ट हाउस में हिरासत में रखा है।

बिना बांड कोई रिहाई नहीं होती

रिहा किए जाने वाले नेताओं को हालात सामान्य बनाए रखने में सहयोग करने व कोई भड़काऊ बयानबाजी न करने का बांड भरना होता है, लेकिन रिहा नेताओं ने यह बांड भरा है या नहीं, इसकी किसी ने देर शाम गए तक पुष्टि नहीं की थी। संबंधित अधिकारियों ने कहा कि बिना बांड कोई रिहाई नहीं होती।

कुछ नेता नहीं बांड करने को तैयार

संबंधित अधिकारियों ने बताया कि उपजेल एमएलए हॉस्टल में इस समय हिरासत में रखे गए नेताओं में नेशनल कांफ्रेंस के अली मुहम्मद सागर, पीडीपी के नईम अख्तर, सरताज मदनी, वहीद पारा, पीपुल्स कांफ्रेंस के चेयरमैन सज्जाद गनी लोन और जेकेपीएम के डॉ. शाह फैसल के नाम उल्लेखनीय हैं। लोन, पारा, शाह फैसल, सागर और नईम अख्तर को हाल-फिलहाल में रिहा किए जाने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं, क्योंकि पांचों रिहाई के लिए बांड भरने को तैयार नहीं हैं।

उमर और महबूबा को घर के पास किया जा सकता है स्थानांतरित

उन्होंने उमर अब्दुल्ला को हरि निवास से गुपकार स्थित उनके अधिकारिक निवास के पास स्थित सरकारी गेस्ट हाउस एम-4 में जल्द ही स्थानांतरित किए जाने की पुष्टि करते हुए बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को उनके घर में ही बंदी बनाकर रखे जाने की योजना पर विचार किया जा रहा है। अंतिम फैसला संबंधित सुरक्षा एजेंसियों की क्लीयरेंस के आधार पर ही होगा। 

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