लखनऊ, जेएनएन। कोरोना वायरस के संक्रमण पर अंकुश लगाने के लिए 21 दिन के लॉकडाउन के बाद उत्तर प्रदेश सरकार अपने कुछ काम भी शुरू कर देगी। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद की अध्यक्षता में गठित समिति ने 15 अप्रैल से यूपी में उन निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शुरू करने का फैसला लिया है, जिन्हें बरसात से पहले कराया जाना नितांत आवश्यक है। इनमें एक्सप्रेस-वे व मेट्रो रेल परियोजनाएं, सड़क और सिंचाई से जुड़े निर्माण कार्य मुख्य रूप से शामिल हैं। समिति ने निर्माण कार्यों और उनसे संबंधित स्थलों पर कोरोना से बचाव के सभी एहतियाती कदम उठाने का निर्देश दिया है। यह भी तय किया है कि हॉटस्पॉट के तौर पर चिह्नित किये गए क्षेत्रों में अभी निर्माण कार्य नहीं कराये जाएंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में बड़े निर्माण कार्य और सड़कों, एक्सप्रेस-वे के प्रोजेक्ट शुरू कराने के बारे में सुझाव देने के लिए रविवार को केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में समिति गठित की थी। निर्माण समिति की बैठक सोमवार को लोक निर्माण विभाग मुख्यालय स्थित विश्वेश्वरैया सभागार में हुई। बैठक में उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि निर्माण कार्यो में शारीरिक दूरी का हर हाल में पालन कराया जाए। निर्माण स्थलों पर श्रमिकों को पांच-दस की संख्या में बांटकर काम कराया जाए। समय-समय पर श्रमिकों का सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया जाए। उन्हें मास्क आदि दिये जाएं और मशीनों व उपकरणों को भी सैनिटाइज कराया जाए। खास हिदायत दी कि निर्माण स्थलों पर कोई श्रमिक पान मसाला आदि का प्रयोग न करे।

यह भी निर्देश दिया कि मजदूरों को साइट पर ही रहने की व्यवस्था कराई जाए और उन्हें राशन उपलब्ध कराया जाए। कार्य स्थल पर कोरोना से बचने के उपायों को दर्शाते हुए माड्यूल बनाकर मजदूरों को प्रशिक्षण दिलाया जाए। निर्माण कार्यों की प्रतिदिन रिर्पोटिंग करने के लिए भी कहा गया। बैठक में नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन, जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह व ग्रामीण अभियंत्रण मंत्री बृजेश पाठक ने भी सुझाव दिये। यूपीडा, नगर विकास, लोक निर्माण, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा और जल निगम के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।

कोरोना से बचाव के लिए हो किट

उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि कार्यस्थल पर कोरोना से बचाव के लिए यथासंभव एक किट की व्यवस्था कराई जाए, जिसमें साबुन, सैनिटाइजर आदि रखे जाएं। उपकरणों को सोडियम हाइपोक्लोराइट से सैनिटाइज कराया जाए। जहां तक संभव हो, श्रमिकों की स्कैनिंग भी कराई जाए।

काम करने वालों का हो पंजीकरण व बीमा

मौर्य ने कहा कि साइट पर काम करने वाले लोगों का पंजीकरण जरूर होना चाहिए तथा उनका बीमा कराने की व्यवस्था श्रम विभाग के परामर्श से की जाए। कार्यदाई संस्थाओं के जो अधिकारी व कर्मचारी कोरोना से बचाव की ड्यूटी में लगाए गए हैं, उन्हें डिस्टर्ब न किया जाए। गाड़ियों की मरम्मत के लिए सीमित वर्कशाप खोलने के लिए एडवाइजरी जारी करने को भी कहा गया।

इन निमार्ण कार्यों को शुरू करने पर सहमति

  • पूर्वांचल, बुंदेलखंड व गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के स्ट्रक्चरल कार्य
  • उप्र राज्य राजमार्ग प्राधिकरण (उपशा) के मरम्मत के काम
  • कानपुर मेट्रो रेल के कार्य
  • आवास विभाग के बड़े प्रोजेक्ट
  • जल निगम की ओर से फतेहपुर व एटा में मेडिकल कॉलेजों का निर्माण
  • सिंचाई विभाग के अब तक चालू रहे काम, नहरों की सफाई, तटबंधों की मरम्मत, बाढ़ के दृष्टिगत गेटों की मरम्मत, ट्यूबवेलों की मरम्मत, चेक डैम, तालाबों की खोदाई, पेयजल की बड़ी योजनाएं और अटल भूजल योजना के कार्य
  • पीडब्लूडी की सड़कों का निर्माण व उन्हें गड्ढामुक्त करने के काम
  • सेतु निगम व राजकीय निर्माण निगम के प्रोजेक्ट

Posted By: Dharmendra Pandey

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