मदुरै, पीटीआइ। एम करुणानिधि के निधन के बाद से एमके अलागिरी और एमके स्‍टालिन के बीच पार्टी को लेकर शुरू हुई उठापटक जारी है। इस बीच डीएमके से निष्‍कासित अलागिरी ने धमकी दी है कि अगर उन्‍हें फिर से शामिल नहीं किया गया, तो पार्टी को गंभीर नजीते भुगतने होंगे। हालांकि इस बीच डीएमके नेताओं ने स्‍टालिन को पार्टी का अध्‍यक्ष चुन लिया।

डीएमके की महापरिषद की बैठक में मंगलवार को पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष और दिवंगत एम करुणानिधि के छोटे बेटे एमके स्टालिन को पार्टी का अध्यक्ष चुन लिया गया। इसके अलावा वरिष्ठ नेता और पार्टी के प्रधान सचिव दुरईमुरुगन को पार्टी का नया कोषाध्यक्ष चुना गया है। इस दौरान कहा गया कि पार्टी में किसी तरह का कोई विवाद नहीं है।

अलागिरी ने स्टालिन के पार्टी अध्यक्ष पद पर चुने जाने से एक दिन पहले धमकी देते हुए कहा कि वह पांच सितंबर को प्रस्तावित मार्च करेंगे। अलागिरी ने कहा कि करुणानिधि के निधन के बाद डीएमके को बचाने के लिए वह ये सब कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'कलईनार (करुणानिधि) अब नहीं हैं। पार्टी को बचाना है। यदि उन्होंने मुझे फिर से शामिल नहीं किया तो उन्हें परिणाम भुगतने पड़ेंगे।' अलागिरी को 2014 में करुणानिधि ने पार्टी से बाहर का रास्‍ता दिखाया था।

Posted By: Tilak Raj