पटना, अरविंद शर्मा। Delhi Assembly Election 2020: दिल्ली विधानसभा चुनाव (Delhi Assembly Election) में भारतीय जनता पार्टी (BJP) अध्‍यक्ष अमित शाह (Amit Shah) और जनता दल यूनाइटेड (JDU) सुप्रीमो व मुख्‍यमंत्री (CM) नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने मंच क्या साझा किया, बिहार में महागठबंधन (Grand Alliance) की नींद उड़ गई है। यही कारण है कि चुनाव प्रचार के आखिरी दिन आते ही बिहार विधानसभा (Bihar Assembly) में नेता प्रतिपक्ष (Leader of Opposition) तेजस्वी यादव (Tejashwi yadav) ने दिल्ली का मोह त्याग कर लौटने का कार्यक्रम बना डाला।

उधर, कांग्रेस के कई नेताओं की भी वापसी हो गई है। दोनों दलों के संयुक्त अभियान की बात भी जोर पकडऩे लगी है। बीजेपी-जेडीयू के मजबूत संबंधों से राष्‍ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP), हिंदुस्‍तानी आवाम मोर्चा (HAM)और विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के रूख भी सकारात्मक हो रहे हैं।

तेजस्वी ने बुलाई आरजेडी की तीन बैठकें

तेजस्वी ने पटना में आरजेडी की तीन बैठकें बुलाई हैं। हड़बड़ी ऐसी कि सप्ताह भर में संगठन के सारे लटके काम को निपटा लेना है। तेजस्वी खुद गुरुवार को पटना पहुंच रहे हैं। जल्द आरजेडी जिलाध्यक्षों की घोषणा हो जाएगी।

बीजेपी-जेडीयू से मुकाबले की तैयारी

पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह (Raghuvansh Prasad Singh) के मुताबिक बूथ स्तर (Booth Level) पर संगठन को सक्रिय करने, बीजेपी-जेडीयू से मुकाबले की तैयारी और चुनाव अभियान की रूपरेखा तय करने के लिए आठ फरवरी को आरजेडी विधायकों एवं विधान पार्षदों की बैठक बुलाई गई है। अगले दिन जिलाध्यक्षों और 10 फरवरी को पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी का विमर्श होगा। पार्टी में जिला, प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर पर कमेटियों का गठन नहीं हो पाया है। हालांकि, राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) और प्रदेश अध्यक्ष के पद पर जगदानंद सिंह (Jagdanand Singh) की ताजपोशी हो चुकी है। 

आरजेडी का तंज: नीतीश का मुखौटा उतरा

आरजेडी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज झा (Manjo Jha) कहते हैं कि रणनीति जैसी बात नहीं। अमित शाह के मंच पर आने से नीतीश कुमार का मुखौटा उतर गया है। अब जनता रणनीति बना देगी। तेजस्वी ने तंज कसा कि दोनों में दोस्ती पक्की हो गई तो नीतीश कुमार बिहार के लिए विशेष राज्य का दर्जा मांग लें।

कांग्रेस भी तौलेगी अपनी ताकत

लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) में अपने आधार वाली कई सीटों पर तेजस्वी की जिद से झटके खाने के बावजूद कांग्रेस (Congress) ने दिल्ली में चार सीटें देकर जता दिया कि बिहार में उसे अपने सहयोगी से अलग नहीं होना है। कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष कौकब कादरी आरजेडी को पार्टी का स्वाभाविक सहयोगी करार देते हैं। दिल्ली के बाद बिहार की तैयारी है। सदानंद सिंह और मदन मोहन झा पटना लौट आए हैं। आरजेडी के साथ बातचीत से पहले कांग्रेस अपनी तैयारी परखेगी। इसके लिए तीन-चार दिनों में जिलाध्यक्षों की बैठक बुलाई जाने वाली है,जिसमें ताकत और तैयारियों की समीक्षा होगी।

Posted By: Amit Alok

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