अमृतसर, जेएनएन। पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की तलाश में बिहार पुलिस की टीम अमृतसर में उनके घर पर पहुंची है। पुलिस टीम चार दिन से सिद्धू के आवास के बाहर है, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिल रहा है। बिहार पुलिस की टीम कटिहार में सिद्धू के खिलाफ दर्ज केस के सिलसिले में यहां आई है। बताया जाता है कि पुलिस टीम इस मामले में उनको समन देने पहुंची है। पुलिस टीम इससे पहले भी कोर्ट का समन लेकर आ चुकी है, लेकिन उस समय भी सिद्धू नहीं मिले थे। पुलिस टीम का कहना है कि इस बार समन न लेना सिद्धू को भारी पड़ सकता है और गिरफ्तारी वारंट भी जारी हाे सकता है।

इससे पहले दिसंबर में भी सिद्धू ने नहीं लिया था कोर्ट का समन

बताया जाता है कि पंजाब के पूर्व निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के घर पर बिहार पुलिस की टीम लगातार उनसे संपर्क करने की कोशिश कर रही है, लेकिन उसे कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है। जानकारी के अनुसार, सिद्धू पर 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान विवादित भाषण देेने के आरोप में कटिहार के वरसोई थाना में मामला दर्ज है।

आरोप है कि सिद्धू ने 16 अप्रैल 2019 को एक चुनावी सभा में विवादित भाषण देकर आचार संहिता का उल्लंघन किया था। मजिस्ट्रेट के बयान पर नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ वरसोई थाने में केस दर्ज किया गया थाl पुलिस टीम का कहना है कि वह पिछले चार दिन से नेता की कोठी के चक्कर लगा रही है, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा। बिहार पुलिस दिसंबर माह में भी पूर्व मंत्री को समन देने के लिए अमृतसर पहुंची थीl

बता दें नवजोत सिंह सिद्धू 2019 के लोकसभा चुनाव में बिहार में प्रचार के लिए गए थे। उस दौरान उन्‍होंने कटिहार में कांग्रेस उम्‍मीदवार तारिक अनवर के पक्ष में चुनावी सभा को संबोधित किया था। आरोप है कि इस सभा में उन्‍होंने एक समुदाय विशेष को उकसाने वाली बातें कही थीं।

अपने इसी चुनावी भाषण पर सिद्धू बुरी तरह घिर गए थे और विभिन्‍न दलों के नेताओं ने उन पर निशाना साधा था। यहां तक कि खुद कांग्रेस प्रत्‍याशी तारिक अनवर ने भी उनके बयान से असहमति जताई थी। इस चुनाव के दौरान कई अन्‍य जगहों पर उनके भाषणों को लेकर विवाद हुआ था।

इसी केस में पिछले साल दिसंबर में भी समन देने बिहार पुलिस कीटीमआई थी लेकिन उसे बैरंग लौटना पड़ा था। कटिहार जिले के वरसोई थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर जनार्दन और सब इंस्पेक्टर जावेद अहमद ने बताया कि अब उन्हें समन तामील करवाना जरूरी हो गया है। पुलिस मुलाजिमों का कहना है कि यदि वह समन लेते हैं तो उसके बाद कोर्ट से उन्हें जमानत भी तुरंत मिल जाएगी। अन्यथा बार-बार समन न लेने की सूरत में उनके खिलाफ वारंट जारी हो सकते हैं।

 

Posted By: Sunil Kumar Jha

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