चंडीगढ़/गुड़गांव। भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा फैसला किया है। हरियाणा भाजपा प्रदेश के अपने तीन दिग्‍गज नेताओं को उनके पदों से मुक्त कर दिया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला ने यह घोषणा की। पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद यादव, धर्मपाल शर्मा और  प्रदेश सचिव जवाहर सैनी को पदमुक्त कर दिया गया है।

गुरुग्राम में पार्टी की दो दिवसीय प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक खत्म होने के बाद बराला ने  यह जानकारी दी। भाजपा ने इस बैठक में विधानसभा चुनाव में हारे हुए 50 प्रत्याशियों से राय ली थी और यह जानने का प्रयास किया था कि हार के कारण क्या रहे हैं।

बैठक में इसके साथ ही पार्टी के पदाधिकारियों से भी फिडबैक लिया गया कि 75 पार का नारा देकर पार्टी 40 सीटों पर ही क्‍यों सिमट कर रह गई। 75 सीटें पार्टी क्यों नहीं जीत पाई। हालांकि प्रदेश में जेजेपी के साथ गठबंधन कर लेने से भाजपा की सरकार बन गई है, लेकिन पार्टी का शीर्ष नेतृत्व यह जानना चाहता है कि हार के कारण क्या रहे या सीटें कम क्यों आई?

-------

भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक से अरविंद यादव का नाम गायब था

रेवाड़ी : गुरुग्राम में शनिवार को हुई भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद यादव को नहीं बुलाया गया। चर्चा है कि केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत ङ्क्षसह के दबाव के चलते ऐसा हुआ।  इसके बाद ही अनुमान लगाया जाने लगा कि अरविंद यादव पर गाज गिर सकती है।

बता दें कि अरविंद यादव विधानसभा चुनाव में रेवाड़ी सीट से टिकट के प्रमुख दावेदार थे। कहा जाता है कि टिकट वितरण में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की चली और वह अपने खास सिपहसलार सुनील यादव मुसेपुर को टिकट दिलाने में कामयाब हो गए थे। इसके बाद अरविंद यादव की नाराजगी सार्वजनिक हो गई थी। अरविंद को मनाने के लिए 9 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह उनके आवास पर पहुंचे थे। यहां दोनों के बीच लंबी बातचीत हुई थी। इसके बाद अरविंद यादव ने राव को कहा था कि वह उनके समर्थकों के बीच आकर अपनी बात रखें।

10 अक्टूबर को राव इंद्रजीत सिंह बावल रोड स्थित अरविंद यादव के कार्यालय कमलम पर पहुंचे थे। यहां समर्थकों व अरविंवद ने राव पर तीखा हमला बोला था, जिसके चलते राव को बैठक बीच में ही छोड़कर जाना पड़ा था। इस विवाद की शिकायत केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह व राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष से की थी। अरविंद के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए राव लगातार शीर्ष नेतृत्व के संपर्क में थे।

प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में अरविंद यादव को नहीं बुलाने से यह लगभग तय हो गया था कि उन्हें प्रदेश उपाध्यक्ष पद से हटा दिया जाएगा। हालांकि आधिकारिक रूप से कोई पदाधिकारी इसकी पुष्टि नहीं कर रहा था और बाद में सुभाष बराला ने इस पर मुहर लगा दिया।

--------------

'' सूची में नाम नहीं होने के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। मुझे विधिवत रूप से बैठक का निमंत्रण मिला था। मैं अपने आवश्यक कार्य से बैठक में शामिल नहीं हुआ। सूची में नाम नहीं होने के बारे में पार्टी के वरिष्ठ नेता ही कुछ कह सकते हैं।

                                                                                                                            - अरविंद यादव।

Posted By: Sunil Kumar Jha

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस