जागरण संवाददाता, जयपुर। Rajasthan Political Crisis: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कहना है कि भाजपा नेताओं ने तीसरी बार सरकार गिराने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। अब भी कांग्रेस विधायकों के पास भाजपा नेताओं के टेलीफोन आ रहे हैं। विधायकों को लालच दिया जा रहा है। जैसलमेर से जयपुर लौटने बाद रविवार को मीडियाकर्मियों से बात करते हुए गहलोत ने कहा कि बेशर्मी से सरकार गिराने का काम किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि केंद्र में बैठे राजस्थान के मंत्री सरकार गिराने के लिए मैदान में आ गए। वे नए-नए सांसद बने और केंद्र में मंत्री पद भी मिल गया। लेकिन उनके वे राजस्थान में धराशाही हो गए।

मंत्री खुद संजीवनी क्रेडिट कॉपरेटिव सोसायटी के घोटाले में फंसे हैं। घोटालों की जांच के लिए सीबीआइ और ईडी के छापे केंद्रीय मंत्री पर होने चाहिए, लेकिन हमारे निकट के लोगों पर ये एजेंसियां कार्रवाई कर रही है। इसी मुद्दे पर वे पहले शेखावत का नाम लेकर कई बार निशाना साध चुके हैं। लोगों में भाजपा के खिलाफ आक्रोश है। लोग इनके खिलाफ सड़कों पर आ जाएंगे। गहलोत ने कहा कि यह दुख की बात है कि रक्षाबंधन के मौके पर भी विधायक होटल में हैं। वे अपने परिवार के साथ त्योहार नहीं मना पा रहे, लेकिन लोकतंत्र को बचाने के लिए यह सब करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों में बागी विधायकों के प्रति आक्रोश है। इनके प्रति लोगों में जो प्यार, मोहब्बत होनी चाहिए वह अब कम होगी। उन्होंने कहा कि मैं बागी विधायकों के निर्वाचन क्षेत्र में पूरे काम कर रहा था, उन्हें शिकायत करने का कोई मौका नहीं दिया, अब चाहे वे कुछ भी कहें।

टिड्डी को लेकर पीएम को तीसरा पत्र लिखा

सीएम अशोक गहलोत ने टिड्डियों से किसानों की फसल को हो रहे नुकसान को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीसरी बार पत्र लिखा है। इससे पहले गहलोत अप्रैल व मई माह में पीएम मोदी को पत्र लिख चुके हैं। यह पत्र रविवार को मीडियो को जारी किया गया है। पत्र में गहलोत ने टिड्डियों की समस्या को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग फिर दोहराई है। गहलोत ने कहा कि टिड्डियों का प्रकोप एक अंतरराष्ट्रीय समस्या है। नए टिड्डी दलों की उत्पत्ति पर अंकुश लगाने के लिए उन्हें उनके उदगम स्थलों पर ही रोकना होगा। इसके लिए केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वय करे टिड्डी प्रभावित सभी देशों से बातचीत करे।

अफ्रीकी व खाड़ी देशों में व्यापक स्तर पर टिड्डी का प्रजनन हुआ है। इसके चलते सीमापार से लगातार टिड्डी दलों का राजस्थान सहित अन्य राज्यों में प्रवेश हो रहा है। पत्र में उन्होंने कहा कि प्रदेश के 33 में से 32 जिलों में टिड्डी का प्रभाव रहा है। यह बहुराज्यीय समस्या हो गई। राजस्थान के अलावा पंजाब, गुजरात, हरियाणा व उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में टिड्डियों का प्रकोप हुआ है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में रबी की फसल में किसानों को एक हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। 

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